दिल्ली के मंत्री सिरसा ने आप विधायकों से राजनीतिक नौटंकी से दूर रहने का आह्वान किया

नई दिल्ली, 7 अगस्त . दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन पर्यावरण और उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के सदस्यों से राजनीतिक नौटंकी, निराधार आरोपों और विघटनकारी राजनीति से दूर रहने और इसके बजाय जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा में शामिल होने की अपील की.

उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां जनता की आकांक्षाओं, विकास और जवाबदेही से संबंधित मामलों पर गंभीरतापूर्वक और रचनात्मक तरीके से चर्चा की जानी चाहिए.

सिरसा ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना के लागू होने के बाद से विपक्ष पूरी तरह से हिल गया है.

उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई इस ऐतिहासिक योजना को जनता का जबरदस्त समर्थन मिला है, जिससे विपक्ष के पास उठाने के लिए कोई सकारात्मक राजनीतिक मुद्दा नहीं बचा है.

उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का ध्यान भटकाने के प्रयास में आप ने विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह झूठे आरोपों, भ्रामक प्रचार और अनावश्यक व्यवधानों का सहारा लिया है.

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी तथाकथित ‘साइकिल घोटाला’ और ‘स्वास्थ्य घोटाला’ के आरोप लगा रही है, लेकिन इन दावों को साबित करने के लिए एक भी विश्वसनीय दस्तावेज या सबूत पेश करने में विफल रही है.

उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक दिल्ली पर शासन किया, वे अब विकास कार्यों को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं और इसके बजाय भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं.

उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने मानसून से पहले व्यापक तैयारियां की थीं, जिसके परिणामस्वरूप इस वर्ष मिंटो ब्रिज जैसे स्थानों पर भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जो लंबे समय से जलभराव का पर्याय बन गया था.

मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को 2,500 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करने का ऐतिहासिक निर्णय लेकर महिलाओं से किया अपना वादा पूरा किया है.

इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूरी दिल्ली सरकार को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना मात्र वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है.

सिरसा ने शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली सरकार के ऐतिहासिक निर्णयों की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि दिल्ली में हर साल लगभग 325,000 छात्र कक्षा 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं, जबकि नियमित स्नातक कार्यक्रमों में केवल लगभग 150,000 सीटें ही उपलब्ध हैं.

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