
नई दिल्ली, 19 सितंबर . दिल्ली पुलिस ने धोखाधड़ी और चोरी के एक मामले को सुलझा लिया है. पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग (सीसीएल) को पकड़ा है, साथ ही चोरी हुए सोने के झुमके भी बरामद किए हैं.
द्वारका जिला पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक महिला को 2 लाख रुपये बांटने का लालच देकर उसके सोने के गहने धोखे से ले लिए. पीड़िता को धोखा देने के लिए नकली नोटों का इस्तेमाल किया गया था.
सोने के गहने चोरी होने की शिकायत के बाद 10 सितंबर को डाबरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई. सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और शिकायतकर्ता राजबाला (सतेंद्र कुमार की पत्नी) से मिली. शुरुआती पूछताछ के दौरान, उन्होंने पुलिस को बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनसे सोने की बालियों की एक जोड़ी और सोने का एक पेंडेंट ले लिया था.
जांच के दौरान, पुलिस टीम द्वारा अपराध वाली जगह और उसके आस-पास लगे कैमरों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई. फुटेज में दो लड़के महिला के पास पैदल आते और उससे एटीएम की जगह के बारे में पूछते हुए दिखे.
संदिग्धों ने महिला से कहा कि उनके पास 2 लाख रुपये हैं और उन्होंने वह पैसा उसके साथ बांटने की पेशकश की. फिर उन्होंने कथित तौर पर उसे उस रकम का हिस्सा देने के बदले अपनी सोने की ज्वेलरी उन्हें सौंपने के लिए राजी कर लिया.
इसके बाद महिला ने सोने की बालियों की एक जोड़ी और सोने का एक पेंडेंट निकाला और उन्हें उन दो लड़कों को दे दिया. बदले में उसे उनसे नोटों की एक गड्डी मिली. पुलिस ने बताया कि बाद में पता चला कि वे नोट नकली थे.
जांच के दौरान लगभग 20 किलोमीटर के दायरे के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई. संदिग्धों की आवाजाही दिल्ली के रघुबीर नगर की ओर देखी गई, जिसके बाद आरोपी की पहचान लक्ष्मण के बेटे विशाल के तौर पर हुई और उसे एक सीसीएल (कानून के साथ संघर्ष करने वाले नाबालिग) के साथ पकड़ा गया.
पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल सोने की बालियों की एक जोड़ी विशाल के पास से बरामद की गई. पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान दिल्ली के रघुबीर नगर निवासी 26 वर्षीय विशाल के तौर पर बताई. पुलिस ने कहा कि चोरी हुए बाकी सोने के पेंडेंट का पता लगाने और उसे बरामद करने की कोशिशें जारी हैं.
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ओपी/एएस