परिसीमन पर सिर्फ राहुल गांधी नहीं, राज्यों के नेताओं से भी हो चर्चा: भाई जगताप

मुंबई, 7 अगस्त . महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भाई जगताप ने परिसीमन, छात्र आंदोलन और जेन-जी पर दिए गए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर सिर्फ राहुल गांधी से ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों के नेताओं से भी बातचीत की जानी चाहिए.

परिसीमन के मुद्दे पर राहुल गांधी से चर्चा करने को लेकर किरेन रिजिजू के बयान पर से बातचीत के दौरान भाई जगताप ने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं, उनसे बातचीत की जानी चाहिए, लेकिन यह मुद्दा देश के विभिन्न राज्यों से जुड़ा हुआ है. वहां के नेताओं से भी बातचीत की जानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि परिसीमन को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. यह देश का मुद्दा है. इस पर चर्चा होनी ही चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी से बात करने के साथ-साथ देश के राज्यों और उनके नेताओं से भी बातचीत करनी चाहिए.

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के ‘जेन-जी देशभक्त है, उन्हें देशद्रोही कहना ठीक नहीं’ वाले बयान पर भाई जगताप ने कहा कि चलो, कम से कम देर आए, दुरुस्त आए. उन्हें प्रधानमंत्री, सरकार के मंत्रियों समेत आरएसएस के तमाम लोगों को यह बात समझानी चाहिए. इन्हीं लोगों ने छात्रों को आतंकवादी, पाकिस्तानी आदि कहा था. देश की जेन-जी ने मोदी सरकार को पीछे हटने पर मजबूर किया. यह काम पहले कर दिया होता तो इस तरह की स्थिति ही न आती.

आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बहुत से लोग हैं, जो आरक्षण का लाभ नहीं लेते हैं. सामाजिक भेदभाव पढ़े-लिखे ब्राह्मण लोगों ने ही पैदा किया. जब तक लोग पढ़ेंगे-लिखेंगे नहीं, तब तक यह भेदभाव खत्म नहीं होगा. पढ़ाई-लिखाई नहीं करेंगे तो वे कैसे सब समझ सकेंगे. पढ़ाई-लिखाई उनका हक भी है. समाज का एक हिस्सा लंबे समय तक पढ़ाई-लिखाई से दूर रहा है. ऐसे में उन्हें आरक्षण की जरूरत है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हैंडलूम को लेकर जारी किए गए संदेश पर उन्होंने कहा कि सबसे पहले हैंडलूम खुद पहनना चाहिए. कांग्रेस के तमाम लोगों ने यही किया है. पहले आप खुद करें, इसके बाद देशवासियों से अपील करनी चाहिए. कई राज्यों में तबाही मची है, लेकिन आप उस पर कुछ नहीं बोल रहे हैं और देश की जनता से अपील कर रहे हैं.

एएमटी/डीएससी