राज्यसभा में गृह मंत्री की मौजूदगी की मांग, सभापति ने रिजिजू से कहा-विपक्ष की भावना सरकार तक पहुंचाएं

नई दिल्ली, 6 अगस्त . राज्यसभा में गुरुवार को हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति की मांग उठाए गई. राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने विपक्ष की इस मांग से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को अवगत कराया. सभापति ने सदन में संसदीय कार्य मंत्री से विपक्ष की यह मांग सरकार तक पहुंचाने को कहा.

इसके जवाब में रिजिजू ने कहा, “यह तय नहीं किया जा सकता कि किस दिन कौन-सा मंत्री सदन में आए.” उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से यह निर्देश नहीं दिया जा सकता. इसके बाद उन्होंने कहा कि इस समय सदन में प्रश्नकाल चल रहा है और लगातार व्यवधान के कारण प्रश्नकाल प्रभावित हो रहा है.

सभापति ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट किया कि नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे किसी मंत्री को निर्देश नहीं दे रहे थे, बल्कि केवल अनुरोध कर रहे थे. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अपनी भावना रखी है और संसदीय कार्य मंत्री के रूप में रिजिजू उस भावना को सरकार तक पहुंचा सकते हैं.

सभापति ने कहा, ”नेता प्रतिपक्ष निर्देश नहीं दे रहे हैं. उन्होंने केवल अपना अनुरोध रखा है. संसदीय कार्य मंत्री के रूप में आप विपक्ष की भावना सरकार तक पहुंचा सकते हैं.”

दरअसल राज्यसभा में गुरुवार को भी हंगामा बरकरार रहा. हंगामे के बीच सभापति ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से कहा कि नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति की मांग की है.

सभापति ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री के रूप में रिजिजू, विपक्ष की भावना और उसकी मांग सरकार तक पहुंचा सकते हैं. उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री से आग्रह किया कि विपक्ष ने जो अनुरोध किया है, उसे वह सरकार के समक्ष रखें.

सभापति ने इसके साथ ही सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के लिए सभी पक्षों से सहयोग की अपील की. रिजिजू का कहना था कि नेता प्रतिपक्ष ने अपनी बात रखी है, लेकिन सदन को सुचारु रूप से चलाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.

सभापति के एक बार फिर सभी से व्यवस्था बनाए रखने का अनुरोध किया. लेकिन इस अनुरोध के बावजूद सदन में हंगामा जारी रहा. सभापति ने सभी सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का अनुरोध भी किया. लेकिन सदन में व्यवधान जारी रहा जिसके कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजकर 15 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी गई.

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि रिजिजू उन्हें संसदीय नियम न सिखाएं. खड़गे ने कहा कि क्या अब मुझे रिजिजू से नियम सीखना पड़ेगा. इसका जवाब देते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति पर टिप्पणी नहीं की, बल्कि केवल राज्यसभा के नियमों का उल्लेख किया है.

रिजिजू ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी सदस्य का अपमान करना नहीं है. उन्होंने केवल राज्यसभा के नियमों का उल्लेख किया है, और सदन की कार्यवाही नियमों के अनुसार चलनी चाहिए. नेता प्रतिपक्ष वरिष्ठ सदस्य हैं और उनका सम्मान किया जाता है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष ने अपने तर्क के समर्थन में किसी नियम का हवाला नहीं दिया.

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जीसीबी/एसके