पंजाब : बठिंडा में सिविल अस्पताल कर्मियों का प्रदर्शन, साढ़े चार साल से मांगों के लंबित रहने का आरोप

बठिंडा, 26 अगस्त . पंजाब के बठिंडा में सिविल अस्पताल के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समान काम के लिए समान वेतन, वेतन में बढ़ोतरी, ग्रेच्युटी और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है.

प्रदर्शनकारियों ने बठिंडा जिले में आम आदमी क्लीनिक बंद करने की मांग का भी समर्थन किया. उनका आरोप है कि इन क्लीनिकों में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. इसके साथ ही, सरकार ने वहां काम करने वाले कर्मचारियों को नियमित करने का अपना वादा भी पूरा नहीं किया है. प्रदर्शन में सिविल अस्पताल के अलग-अलग विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया.

एक महिला प्रदर्शनकारी रणजीत कौर ने से बातचीत में कहा, “मैं पिछले 18 साल से यहां काम कर रही हूं. हमारी कोई मांग पूरी नहीं की गई है. अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो हम सड़कों पर उतरेंगे.”

उन्होंने कहा कि सीएम भगवंत मान ने सिर्फ भरोसा दिलाया कि मांगों को पूरा किया जाएगा. लेकिन, साढ़े चार साल पूरे होने के बावजूद आज तक हमारी मांगों पर ध्यान तक नहीं दिया गया.

एनएचएम कर्मचारी अवनीश कुमार ने कहा कि हमारी पांच से सात प्रमुख मांगें हैं, जो कई वर्षों से लंबित हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इन मांगों को अब तक पूरा नहीं किया है. 2022 में पंजाब में भगवंत मान की आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के समय वादा किया गया था कि अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया है. हम लोग विरोध अपने हक के लिए जता रहे हैं, तो प्रशासन और शासन को हमारी बात सुननी चाहिए. लेकिन कर्मचारियों को डराया और धमकाया जा रहा है. उनसे कहा जा रहा है कि “हड़ताल खत्म करें और काम पर लौटें.”

अन्य कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान किए गए वादे आज तक पूरे नहीं हुए हैं. सरकार ने समान काम के लिए समान वेतन देने और अकुशल कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था, लेकिन इन वादों पर अब तक अमल नहीं हुआ.

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी है. कर्मचारियों के मुताबिक, वे लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. बुधवार को हुए प्रदर्शन में सिविल अस्पताल के विभिन्न विभागों में काम करने वाले अकुशल कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया.

आम आदमी क्लीनिक में काम करने वाले कर्मचारियों ने कहा कि मौजूदा सरकार ने बाहरी इलाकों में आम आदमी क्लीनिक तो खोल दिए, लेकिन वहां पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. इसके कारण कर्मचारियों और मरीजों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

डीकेएम/एबीएम