डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बोले-मदरसे से शिक्षा प्राप्त करने वालों की सोच आतंकवादी जैसी

लखनऊ, 4 अगस्त . उत्तर प्रदेश सरकार मदरसों में उच्च शिक्षा पर रोक लगाने की तैयारी में है. योगी सरकार मंगलवार को कैबिनेट में एक प्रस्ताव लाने जा रही है जिसके तहत मदरसों में दी जाने वाली कामिल यानी ग्रेजुएशन और फाजिल यानी पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री पर रोक लगा दी जाएगी. प्रस्ताव पास होने के बाद मदरसों में सिर्फ 12वीं तक ही पढ़ाई हो सकेगी. इस बीच डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मदरसा शिक्षा को लेकर एक विवादित बयान दे दिया है.

मीडिया से बातचीत में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “यह सच है कि मदरसा शिक्षा से कई बड़े आतंकवादी निकले हैं, चाहे उन्होंने भारत में हमले किए हों या दुनिया में कहीं और. यह सब मदरसा शिक्षा का ही नतीजा है.” उन्होंने कहा, “मैंने पहले भी कहा है और आज फिर दोहराता हूं कि जो कोई भी मदरसा शिक्षा लेता है, वह ‘भारत माता की जय’ नहीं कहता, ‘वंदे मातरम’ नहीं गाता और उसकी सोच आतंकवादी जैसी हो जाती है.”

फिलहाल उत्तर प्रदेश में मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त मदरसों में कामिल और फाजिल की डिग्री दी जाती है. इन्हें क्रमशः ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के समकक्ष माना जाता है. लेकिन Supreme Court के आदेश के बाद राज्य सरकार इन्हें बंद करने जा रही है.

दरअसल, 5 नवंबर 2024 को अंजुम कादरी बनाम भारत संघ मामले में Supreme Court ने कहा था कि बिना विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी की गाइडलाइंस का पालन किए चलाए जा रहे उच्च शिक्षा के कोर्स बंद किए जाएं. इसी आधार पर राज्य सरकार यह कदम उठाने जा रही है.

इस बीच डिप्टी सीएम ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोला. सपा लगातार ब्राह्मण मतदाताओं को साधने के लिए ब्राह्मण सम्मेलन और बैठकें कर रही है. इसके अलावा वह क्षत्रिय और पिछड़ा वर्ग सम्मेलन के साथ पीडीए नैरेटिव को भी आगे बढ़ा रही है.

इस पर पलटवार करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “चाहे वे ब्राह्मण सम्मेलन करें, क्षत्रिय सम्मेलन करें, पिछड़ा वर्ग सम्मेलन करें या पीडीए नैरेटिव की बात करते रहें, समाजवादी पार्टी की हार तय है.”

उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, “2027 तक अखिलेश यादव की राजनीतिक हालत इतनी खराब हो जाएगी कि वे चाहे कितने भी सम्मेलन या बैठकें कर लें, समाजवादी पार्टी का साइकिल चुनाव चिह्न सिर्फ सैफई तक ही सिमट कर रह जाएगा.”

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