
पुणे, 4 सितंबर . महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि पुणे तेजी से देश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (डीसीसी) के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है. अभी यहां 130 से ज्यादा सेंटर काम कर रहे हैं और आने वाले सालों में यह संख्या 800 से ज्यादा होने की उम्मीद है.
उन्होंने भारत में जीसीसी निवेश के लिए पुणे को पसंदीदा जगह बनाने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. मुख्यमंत्री मैग्नम आइसक्रीम कंपनी के ग्लोबल बिजनेस सॉल्यूशंस सेंटर के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे.
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के लिए निवेश का पसंदीदा केंद्र बन गया है. सीएम फडणवीस ने कहा कि पुणे में ग्लोबल बिजनेस सेंटर स्थापित करने वाली मल्टीनेशनल कंपनियों से मिला उत्साहजनक रिस्पॉन्स शहर के बिजनेस-फ्रेंडली माहौल और कुशल टैलेंट पूल का सबूत है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि मैग्नम का पुणे सेंटर 1,000 से ज्यादा सीधी नौकरियां पैदा करेगा और साथ ही अप्रत्यक्ष रोजगार को भी बढ़ावा देगा. कंपनी के ग्लोबल बिजनेस ऑपरेशन्स को बेहतर बनाने के लिए, यह सुविधा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेटेड टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स और अन्य एडवांस्ड सॉल्यूशंस को शामिल करेगी ताकि मैन्युफैक्चरिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और कस्टमर एक्सपीरियंस ऑपरेशन्स को सुव्यवस्थित किया जा सके.
उन्होंने कहा कि जब सरकार और इंडस्ट्री मिलकर काम करते हैं, तो एक मजबूत इकोसिस्टम बनता है जो निवेश, नौकरी के मौके और कुल आर्थिक विकास को तेजी देता है. राज्य सरकार महाराष्ट्र में निवेश करने वाले व्यवसायों को हर जरूरी मदद और अच्छा माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने आगे कहा कि पुणे में यह ग्लोबल बिजनेस सॉल्यूशंस सेंटर, जो मुंबई में मौजूद रीजनल हेडक्वार्टर के साथ मिलकर काम करेगा, महाराष्ट्र में मैग्नम के विस्तार के लिए एक नई दिशा तय करेगा. पुणे के इंडस्ट्रियल सेक्टर में फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं—जिनमें हिंजवडी में आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी चुनौतियों को हल करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है—तानाकि इस इलाके को जीसीसी के लिए और भी आकर्षक जगह बनाया जा सके.
इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी डॉ. पी. अनबलगन ने कहा कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स सिर्फ ऑफिस की जगहें नहीं हैं, बल्कि देश की आर्थिक रफ्तार को बढ़ाने वाले अहम इंजन हैं. भारत ने जीसीसी सेक्टर में खुद को एक ग्लोबल लीडर के तौर पर स्थापित किया है, जिसमें महाराष्ट्र और पुणे ने इस विस्तार में अहम भूमिका निभाई है. अकेले पुणे में, पिछले 15 महीनों में जीसीसी की ओर से कमर्शियल ऑफिस स्पेस की मांग लगभग 6 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच गई, जबकि पिछले 18 महीनों में पूरे राज्य में 130 नई या विस्तारित जीसीसी यूनिट्स स्थापित की गईं.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आने वाले समय में 400 जीसीसी कंपनियों और 700 से ज्यादा यूनिट्स को लाने का लक्ष्य रखा है. अभी पुणे में 20 सेक्टरों की 30 से ज्यादा देशों की कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग 10,000 प्रोफेशनल्स काम करते हैं.
मुख्यमंत्री के इन्वेस्टमेंट और पॉलिसी एडवाइजर कौस्तुभ धवसे ने कहा कि मैग्नम आइसक्रीम कंपनी और महाराष्ट्र सरकार के बीच रिश्ता भरोसे, विश्वसनीयता और आपसी सम्मान पर बना है. उन्होंने कहा कि कंपनी को दुनिया भर में चलाने वाली भारतीय मूल की लीडरशिप टीम के पास प्रेरणादायक अनुभव है.
अपने शुरुआती भाषण में, मैग्नम आइसक्रीम कंपनी के सीएफओ अभिजीत भट्टाचार्य ने कम समय में ग्लोबल बिजनेस सेंटर को हकीकत बनाने का श्रेय राज्य सरकार की तेजी से फैसले लेने की प्रक्रिया को दिया.
उन्होंने पुणे को चुनने के मुख्य कारणों के तौर पर महाराष्ट्र के मजबूत इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम, बेहतरीन कनेक्टिविटी और सक्रिय प्रशासन का जिक्र किया.
भट्टाचार्य ने महाराष्ट्र को ग्लोबल बिजनेस सेंटर्स का प्रमुख केंद्र बनाने के सीएम फडणवीस के विजन की तारीफ की और सस्टेनेबल डेयरी सिस्टम पर राज्य के साथ मिलकर काम करने की कंपनी की इच्छा जताई. साथ ही, उन्होंने ग्लोबल आइसक्रीम ब्रांड ‘बेन एंड जेरीज’ को भारत लाने की बात भी कही.
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एमएस/