दिग्विजय सिंह मेरे पुराने साथी, चर्चा में बने रहने के लिए देते हैं विवादित बयान: श्याम रजक

पटना, 4 जुलाई . कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के राम मंदिर वाले बयान पर सियासत तेज हो गई है. जेडीयू विधायक श्याम रजक ने कहा कि दिग्विजय सिंह मेरे पुराने साथी हैं और मैं उनके काम करने के तरीके को जानता हूं. लोगों और कांग्रेस के बीच खुद को चर्चा में बनाए रखने के लिए विवादित बयान देना उनकी आदत है.”

बद्रीनाथ मंदिर में दान के पैसों के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों पर भी श्याम रजक ने कहा कि किसी भी तरह के आरोपों की पुष्टि केवल सबूत और तथ्यों के आधार पर ही होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को ऐसे नियमों पर विचार करना चाहिए, जिससे मंदिरों, मठों और आस्था के अन्य केंद्रों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकी जा सके.

बता दें कि बद्रीनाथ मंदिर समिति के सदस्य हेमंत द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की खबरों को लेकर बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को मंदिर समिति ने गंभीरता से लिया है.

हेमंत द्विवेदी ने बयान में कहा, “श्री बद्रीनाथ मंदिर के चढ़ावे मामले में कथित हेरफेर के आरोप लगाए जा रहे हैं. इस मामले को मंदिर समिति ने बहुत गंभीरता से लिया है. इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तथ्यपूरक जांच के लिए कमेटी गठित की गई है. जिन कर्मचारियों पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं. जांच पूरी होने के बाद अगर कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.”

श्याम रजक ने राम मंदिर चढ़ावा को लेकर उठे विवाद और आरएसएस महासचिव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह होसबोले का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्होंने केवल सच का एक हिस्सा ही सामने रखा है. सभी भारतीयों को एकजुट रहना चाहिए और स्वामी विवेकानंद के संदेश ‘गर्व से कहो कि हम भारतीय हैं’ को अपनाना चाहिए. राम मंदिर को लेकर उन्होंने कहा कि आस्था सबकी है, लेकिन यदि कहीं कोई अनियमितता या भ्रष्टाचार हुआ है तो उसकी जांच जरूर होनी चाहिए.

वैशाली और सीतामढ़ी में हुए पुलिस एनकाउंटर पर श्याम रजक ने कहा कि ये घटनाएं अक्सर तब होती हैं जब पुलिस अपराधियों को पकड़ने जाती है और आरोपी विरोध करता है या भागने की कोशिश करता है, जिससे बल प्रयोग की स्थिति बनती है.

इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था हटाए जाने के मुद्दे पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी. रजक ने कहा कि सुरक्षा संबंधी निर्णय सुरक्षा समिति द्वारा लिए जाते हैं, जो सभी पहलुओं की समीक्षा करने के बाद तय करती है कि किसे कितनी सुरक्षा दी जानी चाहिए. उन्होंने इसे किसी भी तरह का मनमाना निर्णय मानने से इनकार किया.

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