दिशा सालियान डेथ केस: ‘बेटे को काबू में क्यों नहीं रखा?’, पिता सतीश का उद्धव ठाकरे पर निशाना

मुंबई, 17 सितंबर . दिशा सालियान डेथ केस में एफआईआर दर्ज होने के बाद शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने परिवार को बदनाम करने का आरोप लगाया. दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने उद्धव ठाकरे पर अपने बेटे को बचाने का आरोप लगाया. वहीं, उनके वकील निलेश ओझा ने दावा किया है कि हाई कोर्ट में झूठे एफिडेविट का सच सामने आ चुका है.

दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे को 500 करोड़ का मानहानि का नोटिस भेजा है. इस संबंध में वकील निलेश ओझा ने कहा कि हमने आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को 500 करोड़ का मानहानि का नोटिस भेजा है. जब सतीश सालियान ने हाई कोर्ट में पिटीशन दाखिल किया था तो इन लोगों ने अपने एफिडेविट में लिखा था कि ‘तत्कालीन विपक्षी दल (जो आज सत्ता में हैं) की तरफ से खड़ा करके आदित्य ठाकरे का नाम बदनाम करने की साजिश है. उनका इस केस से कोई लेनादेना नहीं है.’ वो दूध के धुले एकदम निर्दोष व्यक्ति हैं.

वकील ओझा ने कहा कि उनके झूठ कोर्ट में पहले ही साबित हो चुके हैं. उन्होंने कभी इस बात से इनकार नहीं किया कि आदित्य ठाकरे के मोबाइल टावर की लोकेशन वहां थी. झूठ बोलना उनकी आदत बन गई है.

दिशा सालियान केस पर नीलेश ओझा ने कहा कि अगर वे पेमेंट नहीं करते हैं तो हम उनके खिलाफ केस करेंगे. हम कोर्ट जाएंगे और केस करेंगे. कोर्ट जो भी आदेश देगा, अगर केस का फैसला हमारे फेवर में होता है तो कानूनी तरीकों से रकम रिकवर की जा सकती है, जिसमें उनकी प्रॉपर्टी अटैच करना भी शामिल है.

निलेश ओझा ने कहा कि इस मामले में पहले ही Supreme Court ने सीबीआई को जांच सौंपी थी और सीबीआई ने जांच करके दिशा सालियान के मर्डर केस में आदित्य ठाकरे को क्लीन चिट दे दी थी. अब यही बातें याचिका पर आपत्ति में भी कही गईं और हाई कोर्ट ने अपने आदेश में भी इसका जिक्र किया. उनकी आपत्ति को खारिज कर दिया गया और उनकी बात झूठी पाई गई.

उन्होंने कहा कि सीबीआई के वकील ने खुद कोर्ट में बयान दिया और यह साबित हो गया कि आदित्य ठाकरे का एफिडेविट झूठा है. इस संबंध में उनकी आपत्ति को खारिज करते हुए कोर्ट ने याचिका को स्वीकार किया और सीबीआई को फिर से केस दर्ज कर जांच का आदेश दिया.

वकील ने कहा कि ऐसे में जो उनकी बदनामी हुई, जो चीजें उनके चुनिंदा मीडिया के जरिए चलाई गईं, अनिल देशमुख ने इंटरव्यू दिया, और उसके लिए मानहानि के तहत 500 करोड़ रुपए का नोटिस दिया गया है. उनसे कहा गया है कि वे 7 दिन के अंदर माफी मांगें, सतीश सालियान के नाम से 500 करोड़ रुपए का डीडी भेजें और सभी मेनस्ट्रीम मीडिया में 3 मिनट का माफी का वीडियो प्रकाशित करें. यह नोटिस स्वतंत्र है, मतलब उन्होंने समझौते का ड्राफ्ट दिया है, इसका मतलब यह नहीं कि वे आपराधिक मामले में जेल जाने से बच जाएंगे.

शिवसेना (उद्धव) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के बयान पर सतीश सालियान ने कहा, “आप अपने बेटे को कंट्रोल और काबू में क्यों नहीं रखते? आप उसे गलत काम क्यों करने देते हैं? जब कोई गलत काम करता है तो बदनामी तो होती ही है, खासकर जब वह इतने बड़े पद पर हो. उसे मंत्री क्यों बनाया? वो अंदर जाने वाले हैं, इसलिए बचाने की कोशिश की जा रही है.”

सतीश सालियान ने कहा कि आदित्य ठाकरे झूठ बोल रहे हैं. अगर उन्हें नहीं पता तो उनका मोबाइल टावर लोकेशन मलाड में कैसे मैच कर रहा है? उन्होंने अब तक कुछ भी सच नहीं बताया है. मोबाइल टावर मैच हो रहा है और ये सबूत है.

केके/डीकेपी