
आगरा, 13 सितंबर . समाजवादी पार्टी ने अनुशासनहीनता के मामले में बड़ी कार्रवाई की. मथुरा में ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान हुई मारपीट और गाली-गलौज के मामले में सपा ने सख्त कदम उठाते हुए दो प्रमुख कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. साथ ही 17 पुराने कार्यकर्ताओं को भी बाहर का रास्ता दिखाया गया है.
मामला मथुरा सपा कार्यालय का है, जहां ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान सांसद सनातन पांडेय की बैठक चल रही थी. बैठक के दौरान कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मारपीट तक हो गई. आरोप है कि इस दौरान सपा के जिलाध्यक्ष को थप्पड़ मार दिया गया. इस घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद पार्टी हाईकमान ने इसे गंभीरता से लिया.
इस मामले में कार्रवाई करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, पूर्व सांसद अरविन्द कुमार सिंह ने एक कार्यालय ज्ञापन जारी किया है. ज्ञापन में कहा गया है कि भारत भूषण शर्मा, निवासी 50 के. सराय आजमाबाद, पोस्ट कृष्णानगर, जनपद-मथुरा तथा राघवेन्द्र सिंह, निवासी ग्राम असगरपुर, पोस्ट सतोहा, जनपद-मथुरा को समाजवादी पार्टी से निष्कासित किया जाता है.
बताया जा रहा है कि राघवेंद्र तोमर पार्टी के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं. वह 2019 से 2022 तक छात्र सभा का जिलाध्यक्ष रहे और 2022 से 2024 तक यूथ ब्रिगेड का जिलाध्यक्ष रहे. वहीं भारत भूषण शर्मा भी पार्टी में लंबे समय से सक्रिय थे.
हालांकि, निष्कासित किए गए कार्यकर्ताओं ने पार्टी पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है. राघवेंद्र तोमर का कहना है कि बैठक में दोनों तरफ से कहासुनी हुई थी, लेकिन पार्टी ने बिना पूरी जांच के सिर्फ उन्हें निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका भी नहीं दिया गया.
इस कार्यालय ज्ञापन की कॉपी राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव, जिलाध्यक्ष मथुरा और राष्ट्रीय अध्यक्ष के निजी सचिव को भी भेजी गई है.
पार्टी सूत्रों का कहना है कि ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर मथुरा में लंबे समय से गुटबाजी चल रही थी. सम्मेलन की तैयारियों को लेकर दो गुटों में विवाद था, जो बैठक में मारपीट में बदल गया. सपा हाईकमान ने इस घटना को अनुशासनहीनता मानते हुए कड़ा संदेश दिया है कि पार्टी में इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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एससीएच/डीकेपी