ड्रग तस्करी के सरगना और भगोड़े वीरेंद्र सिंह बसोया को यूएई से लाया गया भारतः अमित शाह

नई दिल्ली, 14 अगस्त . गृहमंत्री अमित शाह ने जानकारी दी है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर वीरेंद्र सिंह बसोया को यूएई से भारत वापस लाने में सफलता मिली है.

गृहमंत्री ने एक्स पर लिखा, “केंद्र सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों का लगातार पता लगा रही है और सख्त रवैया अपनाते हुए उनके पूरे नेटवर्क को खत्म कर रही है. नशीले पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने ड्रग तस्करी के सरगना और भगोड़े वीरेंद्र सिंह बसोया को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से वापस लाने में सफलता हासिल की है. हमारी एजेंसियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ड्रग तस्कर चाहे कहीं भी छिप जाएं, वे भारतीय कानून की पकड़ से बच नहीं सकते.”

दिल्ली में 5600 करोड़ रुपए के ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ करने के बाद अक्टूबर 2025 में पुलिस ने मास्टरमाइंड वीरेंद्र बसोया के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया था. बसोया विदेश में बैठकर ड्रग्स का कारोबार चला रहा था.

दिल्ली पुलिस ने महिपालपुर में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी गैंग का भंडाफोड़ करते हुए 562 किलोग्राम कोकीन और 40 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक मारिजुआना की खेप पकड़ी थी. जांच के दौरान पता चला कि कोकीन की खेप बसोया ने ही भिजवाई थी. इस मामले में एक अन्य आरोपी तुषार गोयल को गिरफ्तार किया गया था, जो बसोया का करीबी बताया जा रहा है. पुणे पुलिस ने 2023 में 3000 करोड़ रुपए की ड्रग्स पकड़ी थी, तब भी बसोया का नाम सामने आया था.

2024 में दिल्ली में पकड़े गए 13 हजार करोड़ रुपए के ड्रग्स मामले में इंटरनेशनल ड्रग तस्कर वीरेंद्र बसोया के बेटे ऋषभ बसोया के खिलाफ भी नवंबर 2025 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था. ऋषभ दिल्ली के पिलनजी गांव का रहने वाला है.

पुलिस ने दावा किया कि ये ड्रग्स विदेश में बैठे वीरेंद्र बसोया ने भेजी थी. दिल्ली पुलिस ने पंजाब के अजनाला से एक आरोपी को गिरफ्तार किया था. उसकी एसयूवी गाड़ी से भी ड्रग्स मिली. पुलिस जांच में सामने आया कि यह गाड़ी वीरेंद्र बसोया के बेटे ऋषभ की थी, जिसने वो जस्सी को दी थी. इस खुलासे के बाद ऋषभ भी विदेश भाग गया.

ओपी/वीसी