
नई दिल्ली, 27 अगस्त . केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने वर्ष 2014 से ही खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई पहल शुरू की है. उन्होंने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ हाल ही में शुरू नहीं हुआ बल्कि प्रधानमंत्री मोदी ने इसे काफी पहले लॉन्च किया था और यह कार्यक्रम युवाओं तक सफलतापूर्वक पहुंचा है.
नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने की पहल का असर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के प्रदर्शन पर दिखाई दे रहा है. पहले भारत को एक-दो पदक जीतने के लिए भी काफी संघर्ष करना पड़ता था लेकिन अब भारतीय खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स, ओलंपिक और एशियाई खेलों सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कई पदक जीत रहे हैं. यह देश के लिए गर्व की बात है.
हिंदू कॉलेज में ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि कॉलेज में छात्रों और स्वयंसेवकों के बीच पहुंचकर उन्हें काफी अच्छा लगा और कॉलेज ने जिस तरह कार्यक्रम का आयोजन किया, वह सराहनीय है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों और युवाओं को अपने सपने पूरे करने तथा अपनी आकांक्षाओं को हासिल करने के लिए आगे बढ़ने का संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार खेलों के क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरा सहयोग कर रही है. उन्होंने 2036 के ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए प्रतिभा खोज अभियान, लगातार होने वाली खेल प्रतियोगिताओं और खेल नीति से जुड़े प्रयासों का भी जिक्र किया.
इसी बीच, केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को संदेश दिया है कि जो खेलेगा, वो खिलेगा. उन्होंने कहा कि 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा की पहचान के लिए टैलेंट हंट आयोजित किए जाएंगे. प्रतिभाशाली बच्चों को चिन्हित कर उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा. खेल व्यक्ति को स्वस्थ रखने के साथ-साथ उसकी प्रतिभा को निखारने का अवसर भी देता है. उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देने की भी बात कही.
वहीं, नेपाल में बाढ़ की स्थिति को लेकर किरण रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी शोक संदेश भेजा है. उन्होंने नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि किसी भी पड़ोसी देश या दुनिया के किसी भी हिस्से में त्रासदी होने पर भारत प्रभावित लोगों के साथ खड़ा रहता है. नेपाल में हुए नुकसान को लेकर भारत चिंतित है और इस मुश्किल समय में सभी की संवेदनाएं प्रभावित लोगों के साथ हैं.
भारत के सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट और प्राकृतिक आपदा से निपटने की तैयारियों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रशासन और एनडीआरएफ की व्यवस्था मौजूद है. उन्होंने कहा कि भारत प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए पहले से तैयारी करता है. नेपाल में हुई घटना से सभी चिंतित हैं क्योंकि प्राकृतिक आपदाओं में जान-माल का नुकसान होता है और इससे हर किसी को दुख होता है.
–
डीकेएम/पीएम