
रांची, 29 जुलाई . झारखंड के धनबाद में अवैध कोयला खनन, तस्करी, रंगदारी और लेवी वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए 31 ठिकानों पर छापेमारी की है. कार्रवाई के दौरान ईडी ने करीब 160 करोड़ रुपए के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज कर दिया है, जबकि 1.02 करोड़ रुपए की बेहिसाबी नकदी जब्त की गई है. इसके अलावा 200 से अधिक चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी बरामद हुए हैं.
ईडी की ओर से बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई 28 जुलाई को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई. छापेमारी धनबाद और आसपास के इलाकों में कोयला कारोबारी अनिल गोयल, एलबी सिंह, हरेंद्र चौहान तथा उनके सहयोगियों, रिश्तेदारों और उनसे जुड़ी कंपनियों के निदेशकों के परिसरों पर की गई. कार्रवाई के दायरे में गणेश यादव, पप्पू मंडल, रोहित यादव और माधो सिंह समेत कई अन्य लोग भी शामिल हैं.
ईडी ने बताया कि एलबी सिंह से जुड़े लगभग 160 करोड़ रुपए के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज किया गया है. तलाशी के दौरान 1.02 करोड़ रुपए नकद, बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण, खातों से जुड़े दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं. जांच एजेंसी को 200 से अधिक मकानों, जमीनों और अन्य अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज एवं डिजिटल डेटा भी मिला है.
एजेंसी को संदेह है कि इन संपत्तियों का अधिग्रहण अपराध से अर्जित धन से किया गया. यह जांच झारखंड पुलिस द्वारा दर्ज कई प्राथमिकी और आरोपपत्रों पर आधारित है. इन मामलों में आरोप है कि धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन, चोरी के कोयले की तस्करी तथा कोयले की लोडिंग के नाम पर रंगदारी और अवैध लेवी वसूली की जाती थी.
ईडी की जांच में अब तक सामने आया है कि इन गतिविधियों से अर्जित अवैध धन को वैध दिखाने के लिए कई व्यक्तियों और संस्थाओं का इस्तेमाल किया गया. कथित तौर पर शेल कंपनियों और वित्तीय लेन-देन की कई परतें बनाकर इस रकम को छिपाया गया और बाद में इससे चल एवं अचल संपत्तियां खरीदी गईं.
इस मामले में इससे पहले नवंबर 2025 में भी ईडी ने अनिल गोयल, एलबी सिंह और उनसे जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. एजेंसी का कहना है कि बरामद दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच आगे भी जारी रहेगी.
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एसएनसी/डीकेपी