हर कोई जेनजी से बात करना चाहता है, लेकिन वे तब कहां थे, जब उन पर लाठियां बरस रही थी : आदित्य ठाकरे

मुंबई, 5 अगस्त . शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि आज हर कोई जेनजी से बात करना चाहता है और उनके मुद्दों पर ध्यान देना चाहता है. लेकिन, वे तब कहां थे, जब जेनजी लाठियां खा रहे थे.

आदित्य ठाकरे का यह बयान उस वक्त आया है, जब 6 अगस्त को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत मुंबई में ‘जेनजी’ और ‘जेनरेशन अल्फा’ के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने वाले हैं.

मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान, आदित्य ठाकरे ने कहा कि आज हर कोई जेनजी की बात सुनना चाह रहा है. लेकिन, जब जेनजी पर लाठीचार्ज हो रहा था, वे एके-47, आंसू गैस और इलेक्ट्रिक गन का सामना कर रहे थे, तब ये लोग कहां थे? जो लोग आज उपदेश दे रहे हैं, वे तब कहां थे?

उन्होंने कहा कि मैं मोहन भागवत जी की सिर्फ बात नहीं कर रहा हूं. देखने में मिल रहा है कि जेनजी से बात करने की होड़ मच गई है.

शिक्षा प्रणाली पर राहुल गांधी के आरोप पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है. नई एजुकेशन पॉलिसी आई, इसे कैसे लागू किया गया. क्योंकि, आज भी हमारे युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है. कई विश्वविद्यालयों में भाजपा अपनी पसंद के वीसी को नियुक्त कर रहे हैं. शिक्षा व्यवस्था में सुधार होने की जरूरत है.

आदित्य ठाकरे ने संविधान के हक और भाजपा का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी सिंबल मामले में हमारी सुनवाई और हमारा केस पिछले चार साल से पेंडिंग है. हमारे बाद एनसीपी में फूट पड़ी, टीएमसी को निशाना बनाया गया और इसके बाद आम आदमी पार्टी को भी निशाना बनाया गया. भाजपा ऐसा क्यों कर रही है, यह सभी जानते हैं. वे लोकसभा में अपनी मनचाही दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. संविधान में जो हमें हक दिया गया है, वे उसे छीनना चाहते हैं.

बताते चलें कि 6 अगस्त को मोहन भागवत और जेनजी की बातचीत का सत्र ‘इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस’ (आईआईएमयूएन) के 15वें सालाना चैंपियनशिप सम्मेलन के उद्घाटन समारोह के तौर पर आयोजित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में भारत के 100 से ज्यादा शहरों से 15 से 19 साल की उम्र के 2,000 से ज्यादा स्कूली छात्र शामिल होंगे.

डीकेएम/एबीएम