तमिलनाडु: टीवीके सरकार के पहले कृषि बजट में किसानों को ऋण माफी और MSP पर बड़ी घोषणाओं की उम्मीद

चेन्नई, 6 अगस्त . तमिलनाडु के कृषि और किसान कल्याण मंत्री आर. विनोद गुरुवार को विधानसभा में राज्य का 2026-27 का अलग कृषि बजट पेश करेंगे. किसान फसल ऋण माफी, उच्च खरीद मूल्य और जलवायु संबंधी चुनौतियों से निपटने के उपायों पर महत्वपूर्ण घोषणाओं की उम्मीद कर रहे हैं.

कृषि बजट वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन द्वारा 2026-27 के लिए संशोधित बजट अनुमान प्रस्तुत करने के एक दिन बाद आया है, जो मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार का पहला बजट है.

किसानों में फसल ऋण माफी की संभावना को लेकर काफी उम्मीदें हैं. किसान संगठन सरकार पर 28 फरवरी तक लिए गए सहकारी फसल ऋणों को माफ करने का दबाव बना रहे हैं और आशा कर रहे हैं कि कृषि बजट में इस तरह की राहत की सीमा और वित्तीय ढांचे के बारे में स्पष्टता दी जाएगी.

प्रमुख फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और खरीद प्रोत्साहन पर भी काफी ध्यान दिए जाने की उम्मीद है.

मुख्यमंत्री विजय की अध्यक्षता में हुई हालिया समीक्षा बैठकों में किसानों के लिए लाभ बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की गई, जिनमें धान और गन्ना प्रमुख फसलें थीं. किसान सरकार से खरीद प्रोत्साहन बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के उपायों की घोषणा की उम्मीद कर रहे हैं.

खरीद केंद्रों को मजबूत करना और किसानों द्वारा सरकारी एजेंसियों को अपनी उपज बेचने की प्रक्रियाओं को सरल बनाना भी मांगों में शामिल है.

कृषि अवसंरचना, कृषि मशीनीकरण, भंडारण सुविधाओं और आधुनिक प्रौद्योगिकियों में निवेश को भी बजट में शामिल किया जा सकता है.

बुधवार को पेश किए गए आम बजट में सरकार ने कृषि और किसान कल्याण विभाग के लिए संशोधित बजट अनुमानों के तहत 14,984 करोड़ रुपए आवंटित किए, जिससे गुरुवार को क्षेत्र विशिष्ट घोषणाओं के लिए वित्तीय पृष्ठभूमि तैयार हुई.

कृषि बजट में टीवीके सरकार की कृषि उत्पादकता बढ़ाने, किसानों की आय को मजबूत करने और खाद्य प्रसंस्करण और संबद्ध क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने की दीर्घकालिक रणनीति को भी स्पष्ट रूप से बताया जाना अपेक्षित है.

सत्ता संभालने के बाद सरकार द्वारा अपना पहला पूर्ण बजट तैयार करने का कार्य शुरू करने के साथ गुरुवार को पेश होने वाले कृषि बजट पर बारीकी से नजर रखी जाएगी कि क्या टीवीके प्रशासन किसानों से किए गए अपने चुनावी वादों को ठोस योजनाओं और वित्तीय आवंटन में बदल पाता है.

एसएके/वीसी