ब्याज दरों की नीतियों पर ट्रंप प्रशासन के ‘दबाव’ का सामना करने को लेकर फेड प्रमुख बोले-‘मैं अपना काम करता रहूंगा’

वॉशिंगटन, 15 जुलाई . अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वार्श ने केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता की रक्षा करने का संकल्प जताया है. इस दौरान डेमोक्रेटिक सांसदों ने उनसे पूछा कि क्या वे ब्याज दरों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राजनीतिक दबाव का विरोध करेंगे.

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वार्श ने मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) प्रतिनिधि सभा की वित्तीय सेवा समिति (हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी) के समक्ष अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार पेश होते हुए व्हाइट हाउस और फेडरल रिजर्व के संबंधों को लेकर पूछे गए कई सवालों का सामना किया.

डेमोक्रेटिक सांसद नाइडिया वेलाज़क्वेज़ ने उनसे सीधा सवाल किया, “क्या आप डोनाल्ड ट्रंप के लिए काम करते हैं? हां या नहीं.”

इस पर वार्श ने जवाब दिया, “हम एक स्वतंत्र केंद्रीय बैंक हैं और हमें अपनी स्वतंत्रता पर गर्व है. यह स्वतंत्रता हमें कांग्रेस ने दी है.”

इसके बाद वेलाज़क्वेज़ ने पूछा कि यदि राष्ट्रपति ट्रंप या उनके प्रशासन के अन्य अधिकारी ब्याज दरों से जुड़ी नीतियों पर मतदान के कारण उन पर या फेडरल रिजर्व के अन्य गवर्नरों पर दबाव बनाते हैं, तो वे क्या करेंगे.

वार्श ने शुरुआत में इस काल्पनिक स्थिति पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी Supreme Court पहले ही मौद्रिक नीति के संचालन में फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को मान्यता दे चुका है.

जब उनसे दोबारा यही सवाल पूछा गया कि ऐसी स्थिति में उनकी प्रतिक्रिया क्या होगी, तो उन्होंने कहा, “मैं अपना काम करता रहूँगा.”

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब डेमोक्रेटिक नेताओं के बीच केंद्रीय बैंक पर राजनीतिक प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ रही है. फेडरल रिजर्व के फैसलों का असर उधारी की लागत, रोजगार, महंगाई, वित्तीय बाजारों और व्यापक अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है.

वार्श ने स्वीकार किया कि केंद्रीय बैंक के बाहर का माहौल बेहद राजनीतिक है, लेकिन उन्होंने कहा कि वह फेड के फैसलों को पूरी तरह राजनीति से मुक्त रखना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, “फेडरल रिजर्व की चारदीवारी के बाहर काफी राजनीति है, इसमें कोई संदेह नहीं है. लेकिन केंद्रीय बैंक के भीतर मेरा लक्ष्य है कि राजनीति के लिए कोई जगह न हो. यदि वहां कहीं राजनीति है, तो हम उसे खत्म करेंगे.”

वेलाज़क्वेज़ ने वार्श को याद दिलाया कि नियुक्ति की पुष्टि (कन्फर्मेशन) सुनवाई के दौरान उन्होंने यह सुनिश्चित करने का वादा किया था कि मौद्रिक नीति “पूरी तरह स्वतंत्र” रहेगी. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे अब भी इस प्रतिबद्धता पर कायम हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, “बिलकुल.”

डेमोक्रेटिक सांसद मैक्सीन वॉटर्स ने भी फेड पर राष्ट्रपति के दबाव का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ब्याज दरों को लेकर वार्श के पूर्ववर्ती जेरोम पॉवेल की बार-बार आलोचना की थी. उन्होंने पूछा कि नए अध्यक्ष के तौर पर वार्श अपने सहयोगियों और संस्था की स्वतंत्रता की रक्षा कैसे करेंगे.

इस पर वार्श ने कहा कि पद संभालने के पहले छह-सात सप्ताह के दौरान उन्होंने “स्वतंत्रता और सुधार—दोनों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता” दिखाई है.

उन्होंने कहा, “ये दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और मैं दोनों पर खरा उतरूंगा.”

फेड अध्यक्ष ने सांसदों से यह भी कहा कि केंद्रीय बैंक अपने कानूनी अधिकार-क्षेत्र के भीतर ही काम करेगा और अपनी जिम्मेदारियों से बाहर के राजनीतिक विवादों में शामिल होने से बचेगा.

अमेरिकी कांग्रेस ने फेडरल रिजर्व की स्थापना एक स्वतंत्र केंद्रीय बैंक के रूप में की थी. हालांकि इसके अध्यक्ष और गवर्नरों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा नामित किए जाने के बाद सीनेट की मंजूरी से होती है. फेड कांग्रेस के प्रति जवाबदेह है और उसका अध्यक्ष साल में दो बार सांसदों के समक्ष मौद्रिक नीति पर रिपोर्ट प्रस्तुत करता है.

फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता पर दुनिया भर की नजर रहती है, क्योंकि अमेरिका में ब्याज दरों से जुड़े फैसलों का असर अमेरिकी डॉलर, वैश्विक उधारी की लागत और अंतरराष्ट्रीय पूंजी प्रवाह पर पड़ता है.

पीएम