
नई दिल्ली, 5 मई . विदेश मंत्री एस. जयशंकर की तीन दिवसीय (2–4 मई तक) जमैका की आधिकारिक यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है. यह किसी भारतीय विदेश मंत्री की पहली द्विपक्षीय जमैका यात्रा थी.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरान जयशंकर ने जमैका के प्रधानमंत्री एंड्रयू होल्नेस से मुलाकात की और विदेश मंत्री कामिना जॉनसन स्मिथ के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की. बातचीत में दोनों देशों के संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई और सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान की गई.
यात्रा के दौरान तीन समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें स्वास्थ्य सहयोग, ह्यूग लॉसन शीयरर बिल्डिंग का सोलराइजेशन और ब्रॉडकास्टिंग शामिल हैं. साथ ही डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, संस्कृति, खेल और डिजिटल भुगतान जैसे क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की भी समीक्षा की गई.
भारत ने खाद्य और कृषि संगठन के सहयोग से “इंप्रूविंग रूरल लाइवलीहुड्स” परियोजना के सफल समापन की सराहना की, जिससे 200 से अधिक लोगों को लाभ मिला. इसके अलावा, तूफान ‘मेलिसा’ के बाद जमैका के पुनर्निर्माण में सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया गया.
इस दौरान भारत ने 10 भीष्म मेडिकल यूनिट्स सौंपीं, 30 डायलिसिस यूनिट्स देने की घोषणा की, साथ ही 40 मछली पकड़ने वाली नौकाएं, 200 जीपीएस डिवाइस और अन्य उपकरण देने का वादा किया. भारत–कैरिकॉम साझेदारी के तहत “आर्टिसन एंपावरमेंट हब” स्थापित करने की संभावना पर भी चर्चा हुई.
दोनों देशों ने स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, शिक्षा, पर्यटन और डिजिटलीकरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. आईटीईसी प्रशिक्षण स्लॉट 6 से बढ़ाकर 34 किए जाने का निर्णय लिया गया, जिससे आईसीसीआर छात्रवृत्तियों और ई-विद्याभारती व आईजीओटी कर्मयोगी जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सहयोग बढ़ेगा.
वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच सहमति बनी. ग्लोबल साउथ, जलवायु न्याय, जलवायु वित्त और छोटे द्वीपीय देशों (एसआईडीएस) से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की बात कही गई. जमैका ने 2028–29 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की उम्मीदवारी का समर्थन किया.
जयशंकर ने इंडियन अराइवल मेमोरियल का दौरा किया और प्रधानमंत्री होल्नेस के साथ सबीना पार्क में भारत द्वारा उपहार में दिए गए इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड का उद्घाटन किया. उन्होंने 10 मई 2026 को आयोजित “इंडिया अराइवल डे” के लिए 20 लाख जमैकन डॉलर की सहायता की भी घोषणा की.
इसके अलावा, उन्होंने भारतीय समुदाय और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात की तथा वेस्ट इंडीज विश्वविद्यालय में एक सार्वजनिक चर्चा में हिस्सा लिया.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत–जमैका संबंधों को नई दिशा देने और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है.
–
केआर/