
मुंबई, 13 जून . कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे की अभद्र टिप्पणी मामले और टीएमसी में फूट सहित कई मुद्दों पर से बातचीत की.
से बातचीत में प्रणित मोरे की अभद्र टिप्पणी को लेकर हुसैन दलवई ने कहा कि हमारे समाज में महिलाओं को समान नजर से नहीं देखा जाता है, हालांकि महिलाओं को संविधान में समान दर्जा दिया गया है. संविधान में पुरुष और महिला में कोई फर्क नहीं किया गया है. हम लोग महिलाओं के बारे में कुछ भी बोलते रहते हैं.
उन्होंने कहा कि महिलाएं मजाक के लिए नहीं हैं. ऐसे लोग महिलाओं के बारे में ही जोक करते रहते हैं, यह बिल्कुल गलत बात है. प्रणित मोरे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने को लेकर कहा कि उनको तकलीफ देने के लिए एफआईआर किया गया है. इस तरह से तकलीफ देना काफी गलत बात है. उन्होंने कहा कि उनको (भाजपा) अभी सत्ता मिली है. उनको ठीक ढंग से काम करते के साथ ही लोगों का कल्याण करना चाहिए. विपक्ष के लोगों को तकलीफ देना बिल्कुल गलत बात है.
‘काला हिरण’ फिल्म की रिलीज के खिलाफ सलमान खान की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के मामले को लेकर उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों की वजह से फिल्म को चलने नहीं देना, काफी गलत बात है.
मीनाक्षी नटराजन की याचिका Supreme Court से खारिज होने को लेकर हुसैन दलवई ने कहा कि किसी के साथ अन्याय होने पर Supreme Court जाता है तो कोर्ट की ओर से उस मामले में दखल देना जरूरी हो जाता है.
महाराष्ट्र की सियासत को लेकर उन्होंने कहा कि जो भी पार्टी बदलते हैं, सबसे पहले उनको इस्तीफा देना चाहिए. अगर उनमें हिम्मत है तो चुनकर आना चाहिए. ऐसा करना बिल्कुल गलत बात है.
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एसडी/पीएम