रोहिणी कोर्ट से गैंगस्टर काला जठेड़ी को राहत, पत्नी और नवजात जुड़वा बच्चों से मिलने के लिए 4 घंटे की कस्टडी पैरोल मंजूर

नई दिल्ली, 30 जून . रोहिणी कोर्ट ने गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को मानवीय आधार पर राहत देते हुए 1 जुलाई को चार घंटे की कस्टडी पैरोल मंजूर की है. अदालत के आदेश के अनुसार, इस दौरान वह पुलिस सुरक्षा और निगरानी में अपनी पत्नी तथा नवजात जुड़वा बच्चों से मुलाकात कर सकेगा.

जानकारी के अनुसार, काला जठेड़ी और उसकी पत्नी के जुड़वा बच्चों का जन्म आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) प्रक्रिया के जरिए हुआ है. इस प्रक्रिया के लिए पहले अदालत से अनुमति ली गई थी.

बताया गया कि प्रसव के दौरान काला जठेड़ी की पत्नी की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद डॉक्टरों को सी-सेक्शन के जरिए डिलीवरी करानी पड़ी. मामले पर फैसला देने से पहले अदालत ने अस्पताल और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच कराई.

जांच में जुड़वा बच्चों के जन्म और मां तथा बच्चों के उपचार की पुष्टि होने के बाद अदालत ने मानवीय आधार पर काला जठेड़ी को मुलाकात की अनुमति दी.

अदालत ने स्पष्ट किया है कि मुलाकात के दौरान काला जठेड़ी पूरे समय पुलिस हिरासत और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रहेगा. साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि यह राहत केवल मानवीय आधार पर दी गई है और इसका उसके खिलाफ चल रहे मामले की सुनवाई या कानूनी प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

परिवार की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अदालत ने अस्पताल और मुलाकात के स्थान से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं करने के निर्देश दिए हैं.

काला जठेड़ी एक कुख्यात गैंगस्टर है. उसका वास्तविक नाम संदीप है. उसने लेडी डॉन अनुराधा चौधरी से 12 मार्च 2024 को दिल्ली में शादी की थी. इसके लिए कोर्ट ने काला जठेड़ी को 6 घंटे की कस्टडी पैरोल दी थी. शादी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. बताया गया था कि 250 से अधिक पुलिसकर्मी और कमांडो तैनात किए गए थे.

काला जठेड़ी हरियाणा के सोनीपत जिले के जठेड़ी गांव का रहने वाला है. वह 12वीं पास है और पहले केबल ऑपरेटर का काम करता था. उसके खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में कई संगीन धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं. हत्या, फिरौती, रंगदारी और जमीन पर कब्जा करने जैसे 30 से अधिक गंभीर मामले उसके खिलाफ दर्ज हैं.

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