
मुंबई, 7 सितंबर . अभिनेत्री गौरी टोंक इन दिनों टीवी सीरियल ‘तू ही रे दिल में’ में माधवी शाह के रोल में नजर आ रही हैं. अभिनेत्री का कहना है कि सोशल मीडिया ने इंडस्ट्री में टैलेंट का मतलब बदल दिया है.
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर अक्सर जिसके ज्यादा फॉलोअर्स होते हैं, उसे ज्यादा टैलेंटेड माना जाता है. उन्होंने कहा, “मैंने कई बार सुना है कि किसी को इस वजह से रोल देने से मना कर दिया जाता है कि उनके सोशल मीडिया पर ज्यादा फॉलोअर्स नहीं है और मुझे इसमें कोई पॉइंट नजर नहीं आता. मतलब, किसी के टैलेंट का उसके सोशल मीडिया फॉलोअर्स से क्या लेना-देना.”
उन्होंने सोशल मीडिया पर 2 मिनट रील और एक्टिंग के बीच तुलना करते हुए कहा, “सोशल मीडिया पर पंंद्रह, तीस, साठ सेकंड का रील बनाते हैं. वहीं, फिल्मों-डेली सोप या फिर ओटीटी में काम करते वक्त पूरा-पूरा दिन काम करते हैं, उसमें रीटेक देते हैं और कभी-कभी तो रीटेक का टाइम भी नहीं मिलता है. इस दौरान आप बिना सोए हुए थके होते हैं. मतलब, आप सोच भी नहीं सकते कि कभी-कभी हम किन हालात में काम करते हैं. कभी हमें बुखार होता है, कभी हम बीमार होते हैं और उसके बाद भी हम जाकर ऐसी परफॉर्मेंस देते हैं कि देखने वाले को जरा भी अंदाजा नहीं लगता कि इस लड़की या इस लड़के की तबीयत इस वक्त खराब हो सकती है.”
अभिनेत्री ने अपने पिछले शो ‘तेरी मेरी डोरियां’ के मुश्किल वक्त याद करते हुए बताया. उन्होंने कहा, “इस शो में मैंने एक सीन किया था जब मेरी आवाज पूरी तरह से चली गई थी और उस समय शो में मेरा बेटा खत्म हो जाता है, तो मुझे पूरा रोने-चीखने वाला सीन करना था. मैंने अपने डायरेक्टर से कहा कि, सर, मेरी आवाज नहीं निकलेगी. मैं रिहर्सल करती रही और ऐसे सीन्स के लिए सभी को रिहर्सल की जरूरत होती है, तो मैंने कहा, प्लीज आप थोड़ा बर्दाश्त कर लेना क्योंकि हो सकता है कि जब मैं ये सीन करूंगी, तो मेरी आवाज चली जाए, मतलब पूरे दिन मैं बिल्कुल भी बात न कर पाऊं क्योंकि मेरी आवाज निकल ही नहीं रही थी.”
उन्होंने कहा, “मेरे डायरेक्टर ने मुझ पर वो भरोसा दिखाया. उन्होंने सब सेटअप किया और हमने बिना आवाज के ही सीन किया और फिर हमने बस एक टेक किया और वो एक टेक ही ओके हो गया, लेकिन मैं अब भी गारंटी दे सकती हूं, उस सीन को देखकर कोई नहीं बता सकता कि उस दिन मेरी आवाज चली गई थी.”
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एनएस/पीएम