गौतमबुद्धनगर: अवैध खनन के खिलाफ अभियान, 101 ओवरलोड वाहन पकड़े, 38 डंपर-ट्रक सीज

ग्रेटर नोएडा, 26 मई . कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 23 और 24 मई को विशेष चेकिंग अभियान चलाया. इस अभियान में यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों ने जिलेभर के खनन स्थलों और प्रमुख मार्गों पर व्यापक स्तर पर कार्रवाई की.

दो दिनों तक चले इस अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए.

अधिकारियों के अनुसार, अभियान के तहत कुल 61 खनन स्थलों पर सघन जांच की गई. इस दौरान खनन सामग्री का परिवहन कर रहे कुल 447 डंपर और ट्रकों की जांच की गई. जांच में 101 वाहन ओवरलोड पाए गए, जो निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर सड़कों पर चल रहे थे. ऐसे वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है और सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचता है.

पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में ओवरलोड पाए गए 89 वाहनों के खिलाफ चालान किया गया, जबकि 12 वाहनों को सीज कर दिया गया. इसके अलावा नियमों के उल्लंघन पर संबंधित वाहन चालकों और संचालकों से कुल 4 लाख 99 हजार रुपये का शमन शुल्क भी वसूला गया.

अभियान के दौरान एक और बड़ी अनियमितता सामने आई. जांच में 309 डंपर और ट्रक बिना नंबर प्लेट के संचालित होते पाए गए. बिना नंबर प्लेट के वाहन कानून व्यवस्था और सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर खतरा माने जाते हैं, क्योंकि ऐसे वाहनों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है.

पुलिस ने इस मामले में भी सख्त कार्रवाई करते हुए 283 वाहनों का चालान किया तथा 26 वाहनों को सीज कर दिया. इस कार्रवाई के दौरान 75 हजार रुपये का शमन शुल्क वसूला गया. कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस का कहना है कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बिना नंबर प्लेट के वाहनों के संचालन के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जा सके और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सके.

पुलिस अधिकारियों ने लोगों और वाहन संचालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें तथा निर्धारित मानकों के अनुसार ही वाहनों का संचालन करें. प्रशासन का मानना है कि ऐसे विशेष अभियान न केवल अवैध खनन पर रोक लगाने में मददगार साबित होंगे, बल्कि सड़क हादसों को कम करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

पीकेटी/एएसएच