
नई दिल्ली, 21 अप्रैल . भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी को अमेरिका में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. जनरल उपेंद्र अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर गए हुए हैं. उन्हें अमेरिका के हवाई स्थित फोर्ट शैफ्टर में यह सम्मान दिया गया. यह यात्रा अमेरिकी सेना पैसिफिक कमान के साथ सैन्य सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से हो रही है.
इस दौरान जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अमेरिकी सेना पैसिफिक के कमांडिंग जनरल रोनाल्ड पी क्लार्क और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की. इन बैठकों में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को और गहरा करने, सैन्य तालमेल बढ़ाने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया.
विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देश लगातार बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य, बहु-क्षेत्रीय युद्धक क्षमता (मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स) और संयुक्त प्रशिक्षण की आवश्यकता पर भी विचार साझा करते आ रहे हैं. वहीं मौजूदा सैन्य वार्ता इस बात का संकेत है कि भारत और अमेरिका अपने रक्षा संबंधों को केवल पारंपरिक सहयोग तक सीमित नहीं रख रहे, बल्कि आधुनिक सैन्य चुनौतियों के अनुरूप उसे लगातार विस्तार दे रहे हैं.
अपनी यात्रा के तहत थलसेना प्रमुख ने ओआहू द्वीप का हवाई सर्वेक्षण भी किया. इस एरियल टूर के दौरान उन्होंने वहां के प्रशिक्षण ढांचे, सैन्य तैयारियों और विभिन्न ऑपरेशनल व्यवस्थाओं का अवलोकन किया. इससे उन्हें अमेरिकी सेना की बहु-क्षेत्रीय युद्ध क्षमता और प्रशिक्षण प्रणाली को समझने का अवसर मिला, जो भविष्य में संयुक्त अभ्यासों और सहयोग को और प्रभावी बनाने में मदद करेगा. फोर्ट शैफ्टर में मिला गार्ड ऑफ ऑनर भारत-अमेरिका के मजबूत होते रक्षा संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है.
यह सम्मान दर्शाता है कि दोनों देश एक-दूसरे को रणनीतिक साझेदार के रूप में कितनी अहमियत देते हैं. इससे पहले इसी महीने भारत और अमेरिका के बीच वायुसेना स्तर पर भी उच्च स्तरीय वार्ता हुई थी. 8 अप्रैल को अमेरिकी वायुसेना प्रमुख जनरल केनेथ विल्सबाख ने भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की मेजबानी की थी. इस बैठक में इंटरऑपरेबिलिटी, संयुक्त प्रशिक्षण और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी.
भारत व अमेरिका के बीच हाल के ये उच्च स्तरीय सैन्य संवाद यह स्पष्ट करते हैं कि भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है. दोनों देश आपसी सहयोग बढ़ा रहे हैं और क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर भी काम कर रहे हैं.
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जीसीबी/डीकेपी