गाजियाबाद: जिम संचालकों के लिए आईडी कार्ड अनिवार्य, विधायक नंद किशोर गुर्जर ने फैसले का किया स्वागत

गाजियाबाद, 13 जून . गाजियाबाद जिला प्रशासन की ओर से सभी जिम संचालकों के लिए आईडी कार्ड जारी करना अनिवार्य कर दिया गया है. आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि बिना आईडी कार्ड के जिम संचालन करना स्वीकार नहीं किया जाएगा. भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे जिहादी शक्तियों को रोकने के मकसद से जरूरी बताया.

उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गाजियाबाद में जिम संचालक खुद को हिंदू बताते हुए जिमा चला रहे थे. लेकिन, साजिशन लड़कियों को अपने झांसे में लेते थे. वो बाइक पर शाम को लड़कियों को घुमाते थे. ऐसा कई बार देखने को मिला. कैसे किसी को जिहादी तंत्र में शामिल करना है, इसके लिए इन लोगों ने बाकायदा पूरी रूपरेखा निर्धारित कर ली थी. इसी रूपरेखा के तहत ये लोग पूरा काम कर रहे थे. इसी को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से यह आदेश जारी किया गया है.

उनके मुताबिक, ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जहां पर कुछ लोग अपनी असली पहचान छिपाते हुए जिम चलाते हैं और इसके बाद लड़कियों को झांसे में लेकर उन्हें जिहादी तंत्र का हिस्सा बनाते हैं. अगर आप लोग हिंदू हैं, तो आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि आपको अपनी पहचान छिपानी पड़ रही है. आपको खुलकर अपनी पहचान जाहिर करनी चाहिए.

भाजपा विधायक ने कहा कि अब जिला प्रशासन के आदेश के बाद सभी जिम संचालकों को गले में आईडी कार्ड डालकर काम करना होगा. बिना इसके ये लोग काम नहीं कर पाएंगे. मामला यहां पर धर्म का नहीं है, यहां पर गंभीरता बरतने का है. अब किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी.

उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों ने देखा कि इंदौर की बेटी के साथ क्या हुआ था. कैसे उसे राणा बनकर फंसाया गया था. इसके बाद उसके साथ कैसा दुराचार हुआ. इन्हीं सब स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से जारी किया गया आदेश स्वागत योग्य है.

भाजपा विधायक ने कहा कि जो भी व्यक्ति इस जिहादी नेटवर्क में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. मैं आपको स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि यह एक ऐसी कार्रवाई होगी कि उसकी आने वाली सात पीढ़ियां भी याद रखेंगी, उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वैसे भी गाजियाबाद जिला प्रशासन हमेशा से ही बड़े-बड़े बदमाशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए चर्चा में रहा है. प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी जिहादी हमारे यहां पर नहीं रहे. जिहादियों को मैं यही संदेश देना चाहूंगा कि आप लोगों के लिए बंटवारे के दौरान ही सीमा तय हो चुकी है. अगर ज्यादा जिहाद करना है, तो वहां चले जाएं.

एसएचके/एबीएम