पीएम मोदी के नेतृत्व में न्यू एज फाइबर को बढ़ावा देने के लिए टेक्सटाइल मंत्रालय ने बीड़ा उठाया: गिरिराज सिंह

नई दिल्ली, 19 मई . केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को न्यू एज फाइबर्स-इनोवेशन, रिसर्च एंड द रोड अहेड विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में न्यू एज फाइबर को बढ़ावा देने के लिए टेक्सटाइल मंत्रालय ने बीड़ा उठाया है.

केंद्रीय मंत्री ने सेमिनार के अंतर्गत आयोजित प्रदर्शनी में विभिन्न संस्थानों, स्टार्टअप्स एवं उद्योगों द्वारा ‘न्यू एज फाइबर’ पर आधारित नवाचारों एवं तकनीकी समाधानों का अवलोकन किया.

उन्होंने कहा कि नई तकनीक को अपनाकर, प्रगति और प्रकृति के बीच संतुलन बनाकर भारत का कपड़ा उद्योग वास्तविक विकास की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है. भारत के टेक्सटाइल इकोसिस्टम को मजबूत करने और भविष्य के टिकाऊ समाधानों पर चर्चा के लिए यह संगोष्ठी प्रमुख हितधारकों को एक मंच पर ला रही है.

मीडिया से बातचीत के दौरान गिरिराज सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग से जूझ रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में पद संभालते ही सोलर एनर्जी पर जोर देते हुए कहा था कि भारत इसका लीडर बनेगा. आज हम उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने बताया कि अब न्यू एज फाइबर को बढ़ावा देने के लिए टेक्सटाइल मंत्रालय काम कर रहा है. पूरी दुनिया सस्टेनेबल फाइबर की मांग कर रही है और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में टेक्सटाइल मंत्रालय ने इस दिशा में बीड़ा उठाया है.

मंत्री ने कहा कि हमने 10 फाइबर चुने हैं, जिनमें मिल्कवीड, रेमी, फ्लैक्स, सिसल, नैचुरल बैंबू फाइबर, मैकेनिकल पाइनएपल, बनाना फाइबर आदि शामिल हैं. इसके अलावा रिसाइकिल्ड कॉटन और रिसाइकिल्ड पीईटी बोतल्स को भी शामिल किया गया है.

गिरिराज सिंह ने बताया कि मोदी सरकार के नेतृत्व में टेक्सटाइल विभाग ने एक कॉन्सेप्ट नोट लॉन्च किया है. इसमें इंडस्ट्री, रिसर्चर्स और स्टार्टअप्स को साथ लेकर काम किया जा रहा है. लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में न्यू एज फाइबर का उत्पादन एक लाख मीट्रिक टन तक पहुंचाया जाए.

उन्होंने कहा कि ये पूरे विश्व के लिए आश्चर्यजनक होगा कि न्यू एज फाइबर अगर कोई दे सकता है तो वह भारत दे सकता है. टेक्सटाइल विभाग के सभी काम किसानों को आधार मानकर किए जा रहे हैं. किसानों की आय दोगुनी करना पीएम मोदी की थीम है. हम वेस्ट टू वेल्थ की नीति पर काम कर रहे हैं. हम बनाना वेस्ट, पाइनएपल वेस्ट आदि को फाइबर में बदल रहे हैं.

मिल्कवीड आज टेक्सटाइल इंडस्ट्री में एक क्रांतिकारी और बेहद गुणकारी फाइबर के रूप में उभर रहा है. पर्यावरण के अनुकूल और पूरी तरह सस्टेनेबल होने के साथ-साथ यह फाइबर हल्का, आरामदायक और बेहद मजबूत भी होता है, जो इसे आधुनिक और भविष्य के टिकाऊ कपड़ों के लिए एक बेहतरीन और सर्वगुण संपन्न विकल्प बनाता है.

समस्त टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूत करने के लिए वस्त्र मंत्रालय ‘न्यू एज फाइबर’ पर लगातार कार्य कर रहा है. मिल्कवीड, बैम्बू, लिनेन (फ्लैक्स), रेमी, और बनाना जैसे सस्टेनेबल फाइबर पर विशेष काम किया जा रहा है. नई मशीनों की मदद से किसानों की आय बढ़ाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने की हर पर्याप्त कोशिश की जा रही है. गिरिराज सिंह ने कहा कि इन नए फाइबर से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि कम कार्बन फुटप्रिंट के साथ पर्यावरण संरक्षण भी होगा.

डीकेएम/वीसी