
नई दिल्ली, 1 अगस्त . दिल्ली में हुए सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों, खासकर युवतियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था, जिसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. इस मामले में चिन्हित एक लड़की, उसकी मां और उसके वकील ने से बातचीत के दौरान अपना पक्ष रखा.
से बातचीत में लड़की ने कहा कि घटना 23 जुलाई की है. मैं सीपी गई थी और वहां धरना प्रदर्शन चल रहा था. वहां अलग-अलग ग्रुप बने हुए थे और मुझे बोलने के लिए कहा गया. उन्होंने मुझे कहा था कि बोलने की आजादी है. अब वीडियो वायरल हो गया है.
लड़की ने कहा कि मैंने बहुत गलत बोला था. मुझे इसका एहसास हो गया है और मैं तब तक माफी मांगूंगी, जब तक मुझे माफी नहीं मिल जाती. उसने कहा कि मेरे खिलाफ दर्ज एफआईआर गलत है. उसमें नाम गलत है, उम्र गलत है, पता गलत लिखा हुआ है. मेरी उम्र 15 साल है. मैं चाहती हूं कि जिसने गलत आरोप लगाए हैं, उन पर कार्रवाई की जाए.
लड़की ने यह भी बताया कि मुझे धमकियां दी जा रही हैं, दुष्कर्म करने की धमकी दी जा रही है. मेरे घर पर अभी भी पुलिस आ रही है. पुलिस मुझे खोज रही है, जैसे मैंने कोई बड़ा गुनाह किया है. मैं यह सब नहीं झेल पा रही हूं. पीएम मोदी ने मुझे माफ कर दिया है, यह बड़ी बात है.
लड़की ने यह भी कहा कि जिसके लिए मैंने इतने गलत और गंदे शब्द बोले, उन्होंने ही मुझे माफ कर दिया. मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी. यह सब अनजाने में नहीं हुआ, बल्कि वहां बहुत से लोग ऐसे थे, जो मुझे भड़का रहे थे. मुझे कहा गया था कि वीडियो शेयर नहीं किया जाएगा.
वहीं, लड़की की मां ने कहा कि मेरी बेटी की उम्र 25 साल नहीं है. उसका जन्म 1 अगस्त 2011 को हुआ था. पीएम मोदी ने माफ किया, यह उनका बड़प्पन है. यह उनकी शालीनता है. माफ करना, बच्चों को सही रास्ते पर लाने का एक कदम है.
लड़की की मां ने कहा कि उनको धमकी दी जा रही है. सोशल मीडिया पर गालियां दी जा रही हैं, क्या यह सब ठीक है? मेरी बेटी ने एक गलती की और अब आप लोग उसके लिए क्या-क्या नहीं बोल रहे हैं. मुझे खुशी होती कि मेरी बेटी सैनिक होती और देश के लिए शहीद हो जाती.
उन्होंने कहा कि अभी तक एफआईआर वापस नहीं हुई है. मेरी विनती है कि एफआईआर वापस ले ली जाए. लड़की की मां ने कहा कि मैं चाहती हूं कि पीएम मोदी मेरी बेटी को गोद ले लें और हमें रहने की एक जगह दी जाए. मेरी बेटी का जो हक है, उसे मिले. उसके पापा दुनिया में नहीं हैं. हम जहां रहते थे, वहां हम अभी नहीं रह पा रहे हैं. मैं चाहती हूं कि हमें कहीं सुरक्षित रहने की जगह दी जाए. अगर इस वक्त हमें कुछ होगा तो असामाजिक तत्व इसका आरोप प्रधानमंत्री पर लगा देंगे.
लड़की के वकील अनिल कुमार ने से कहा कि मैंने एफआईआर पढ़ी है, वह गलत है. नाम गलत है, उम्र गलत है. वह सैलून में काम नहीं करती है. एफआईआर बिना जांच के लिखी गई है. बच्ची से जो गलती हुई है, वह शर्मिंदा है. पीएम मोदी ने माफ कर दिया है. आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
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एएमटी/एबीएम