पाकिस्तान: बलूचिस्तान में सरकारी कर्मचारियों का हल्ला बोल, मांगों को लेकर डटे

क्वेटा, 18 जून . पाकिस्तान स्थित बलूचिस्तान प्रांत के कर्मचारी संगठनों ने अपनी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है. सड़क पर उतर आए हैं और सरकारी विभागों और स्कूलों को अनिश्चितकाल तक बंद रखने का ऐलान कर दिया है. हुक्मरानों को चेतावनी भी दी गई है कि अगर उनकी बातों पर गौर नहीं किया गया तो 19 जून से आमरण अनशन पर बैठेंगे. स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी.

बलूचिस्तान एम्प्लाइज ग्रैंड अलायंस नाम के संगठन के अनुसार यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

प्रमुख पाकिस्तानी दैनिक डॉन के मुताबिक, यह फैसला उस समय लिया गया जब कर्मचारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं और कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ “कठोर कार्रवाई” की गई.

रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारियों ने बलूचिस्तान बजट सत्र के दौरान विधानसभा तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने भारी पुलिस बल और फ्रंटियर कॉर्प्स तैनात कर दिया. प्रदर्शनकारियों को चमन फाटक के पास रोक दिया गया, जहां अलग-अलग इलाकों से आए प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए थे.

भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और 10 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें हटाने के लिए अत्यधिक और बेजा बल का इस्तेमाल किया गया.

गठबंधन ने कहा है कि वह प्रांतीय सरकार द्वारा बजट में घोषित 7% वेतन वृद्धि को अस्वीकार करता है और 35% महंगाई भत्ता तथा पहले वादा की गई 25% वेतन वृद्धि की मांग कर रहा है.

इससे पहले भी अन्य कर्मचारी संगठनों ने पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई, वेतन और पेंशन से जुड़ी समस्याओं को लेकर चिंता जताई थी और सरकार से वेतन संरचना में बड़े सुधार की मांग की थी.

2 जून को, ऑल गवर्नमेंट एम्प्लाइज ग्रैंड अलायंस (एजीईजीए) के नेताओं ने कहा था कि पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई के कारण सरकारी कर्मचारियों की क्रय शक्ति काफी कम हो गई है, जिससे उनके लिए सीमित आय में घरेलू खर्च चलाना मुश्किल हो गया है.

पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि संयुक्त बयान में एजीईजीए नेतृत्व ने कहा कि पंजाब सहित कई प्रांतों के सरकारी कर्मचारियों को अभी तक संघीय बजट 2025-26 में घोषित 30 प्रतिशत महंगाई/असमानता भत्ता नहीं मिला है.

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार द्वारा छुट्टी नकदीकरण (लीव एनकैश्मेंट) नियमों में हाल के संशोधनों के कारण कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय मिलने वाले महत्वपूर्ण लाभों से वंचित होना पड़ा है.

केआर/