
गांधीनगर, 17 जून . गुजरात पुलिस ने 21 जून को होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट-यूजी) के लिए पूरे राज्य में सुरक्षा की व्यापक योजना तैयार की है. वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा पूरे राज्य में निष्पक्ष, सुरक्षित और बिना किसी बाधा के आयोजित की जाए.
मंगलवार को डीजीपी जी.एस. मलिक ने राज्य भर के सभी पुलिस कमिश्नरों, रेंज के आईजी और जिला पुलिस प्रमुखों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में तैयारियों का जायजा लिया.
इस मीटिंग में कानून-व्यवस्था, परीक्षा की सुरक्षा और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के साथ तालमेल पर ध्यान दिया गया.
नीट से जुड़ी कानून-व्यवस्था की सभी गतिविधियों की देखरेख के लिए, मलिक ने आईजी (कानून-व्यवस्था) मकरंद चौहान को राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया.
परीक्षा केंद्रों पर पुलिस की तैनाती के बारे में विस्तृत निर्देश जारी किए गए; हर केंद्र पर आने वाले उम्मीदवारों की संख्या के हिसाब से सुरक्षा इंतजाम करने की योजना बनाई गई.
अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों के आस-पास कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया, जिसमें पास की फोटोकॉपी दुकानों पर भी नजर रखना शामिल है.
पुलिस यूनिट्स को यह भी निर्देश दिया गया कि वे एनटीए की सभी गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करें. डीजीपी ने जोर दिया कि उम्मीदवारों की जांच पूरी तरह से हो, लेकिन साथ ही संवेदनशीलता और सम्मान भी बरता जाए.
पुलिस कर्मियों को सघन तलाशी लेने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान महिला उम्मीदवारों के साथ सम्मान और संवेदनशीलता से व्यवहार किया जाए.
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों के साथ आने वाले माता-पिता और अभिभावकों के साथ विनम्र व्यवहार करें.
परीक्षा के नियमों का पालन आसान बनाने के लिए, परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (जो परीक्षा हॉल के अंदर प्रतिबंधित हैं) को सुरक्षित रखने के लिए अलग से इंतजाम किए जाएंगे.
धोखाधड़ी रोकने और तैयारी मजबूत करने के प्रयासों के तहत, सभी यूनिट प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे 20 जून को एनटीए प्रतिनिधियों के साथ मिलकर परीक्षा केंद्रों का संयुक्त निरीक्षण करें.
इन निरीक्षणों का मकसद उम्मीदवारों के परीक्षा के लिए आने से पहले सुरक्षा से जुड़ी किसी भी समस्या की पहचान करना और उसे दूर करना है. गुजरात में परीक्षा सामग्री की गोपनीय आवाजाही को देखते हुए, पुलिस 19 से 21 जून तक रात में सघन गश्त करेगी.
अधिकारियों ने अफवाहों, गुमराह करने वाली जानकारी और परीक्षा प्रक्रिया में बाधा डालने की किसी भी कोशिश की पहचान करने और उन पर कार्रवाई करने के लिए सोशल मीडिया पर निगरानी भी बढ़ा दी है. यह सुरक्षा अभियान इसलिए भी अहम है क्योंकि परीक्षा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के साथ हो रही है.
उम्मीदवारों पर कोई असर न पड़े, इसके लिए मलिक ने सभी पुलिस यूनिट्स को योग दिवस के कार्यक्रमों और नीट से जुड़े कामों के लिए अलग-अलग पुलिस बल तैनात करने का निर्देश दिया.
समीक्षा बैठक के दौरान, डीजीपी ने कहा कि इन उपायों का मकसद राज्य भर में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करते हुए ‘नीट परीक्षा का निष्पक्ष, सुरक्षित और बिना किसी बाधा के आयोजन’ सुनिश्चित करना है. उन्होंने सभी पुलिस यूनिट्स को परीक्षा से पहले पूरी तरह तैयार और आपस में तालमेल बनाए रखने का निर्देश दिया, ताकि हर सेंटर पर परीक्षा सुचारू रूप से हो सके.
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एससीएच/एएस