
पटना, 29 जुलाई . पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा भाजपा सरकार पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा, “आपके समय में कितना पेपर लीक हुआ और हमारे समय में कितना हुआ, यह हमारी राजनीति का विषय नहीं है. हमारे लिए छात्रों और बच्चों का भविष्य सर्वोपरि है, राजनीति नहीं. विपक्ष इस मुद्दे को राजनीति का माध्यम बना रहा है और राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास कर रहा है.”
गुरु प्रकाश ने से कहा, “हम इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान चाहते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. इस समिति में टेक्नोक्रेट्स, लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ और इंटेलिजेंस से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों. हम राजनीति नहीं, बल्कि समाधान-केंद्रित विमर्श चाहते हैं.”
उन्होंने कहा, “अगर हम भी राजनीति करने पर उतर आएं तो कांग्रेस शासित केरल और आम आदमी पार्टी शासित पंजाब में भी कई घटनाएं सामने आई हैं. बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए. इस मुद्दे पर समग्रता, संवेदनशीलता और संवाद के साथ समाधान निकालने की जरूरत है. विपक्ष भी इस दिशा में हमारे साथ आए.”
छात्र आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर गुरु प्रकाश ने कहा, “सरकार ने शुरुआत से ही छात्र हित को सर्वोपरि रखा है. एफआईआर के मामलों में भी सरकार ने सक्रियता दिखाई है. हमारा उद्देश्य यही है कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित, स्थिर और गरिमापूर्ण रहे. जो छात्र आरोपमुक्त हैं, उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की अनुचित कार्रवाई नहीं की जाएगी. सरकार ने यह सुनिश्चित किया है.”
दिल्ली पुलिस के Supreme Court जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, “दिल्ली में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे और उनके परिवार के लोग Supreme Court गए हैं. हमारे देश में कानून का शासन है और न्यायिक प्रक्रिया भी है. यदि किसी को लगता है कि उसके अधिकारों का हनन हुआ है या उसके साथ अन्याय हुआ है, तो उसे अदालत जाने का पूरा अधिकार है. मामला न्यायालय में है और अदालत जो भी निर्णय करेगी, उसका सम्मान किया जाएगा. न्यायिक प्रक्रिया में किसी प्रकार का अवरोध नहीं होना चाहिए.”
पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून पर उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री लगातार कह रहे हैं कि सिर्फ चार्जशीट दाखिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि एक मिसाल कायम हो. नए कानून में 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने और 10 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है. हमारी कोशिश है कि तकनीक का अधिकतम उपयोग करके परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाया जाए. हम समाधान चाहते हैं और उसे लागू करके रहेंगे. जो लोग इस मुद्दे पर राजनीति करना चाहते हैं, वे करते रहें.”
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर विपक्ष की आपत्तिजनक टिप्पणी पर गुरु प्रकाश ने कहा, “इस प्रकार के शब्दों का इस्तेमाल उचित नहीं है. प्रह्लाद जोशी लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में हैं. उन्होंने संगठन में जिला स्तर से काम किया है और कई बड़े संकटों का सफलतापूर्वक समाधान किया है. वह एक सामान्य परिवार से आते हैं. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी शायद यह स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि एक साधारण परिवार का व्यक्ति इतने ऊंचे पद तक कैसे पहुंच गया. उनका दृष्टिकोण सामंतवादी है. इसी वजह से वे इस तरह की अनर्गल टिप्पणियां करते हैं, जो उनके संस्कारों को दर्शाती हैं.”
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पीआईएम/पीएम