महाराष्ट्र में भारी बारिशः जलभराव और ट्रैफिक जाम से जनजीवन अस्त-व्यस्त

मुंबई, 4 जुलाई . महाराष्ट्र के कई हिस्सों में शनिवार को भारी बारिश जारी रही, जिससे मुंबई, नवी मुंबई, पालघर, ठाणे, कोल्हापुर, रायगढ़ और लोनावला समेत कई जिलों में बड़े पैमाने पर जल-जमाव, ट्रैफिक में रुकावट और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए. लगातार बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, घरों और दुकानों में पानी घुस गया, जबकि अधिकारियों ने कई संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी किया.

मुंबई में भारी बारिश की वजह से माहिम समेत कई इलाकों में पानी भर गया, जिससे ट्रैफिक जाम हो गया और गाड़ियों की आवाजाही में रुकावट आई. शहर के दूसरे हिस्सों में भी ऐसे ही हालात रहे और सड़कें पानी से भरी रहीं.

नवी मुंबई में भी लगातार बारिश के कारण तुर्भे रेलवे स्टेशन के नीचे बहुत ज्यादा पानी भर गया, जिससे पैदल चलने वालों को मुश्किल हुई और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा. ठाणे-बेलापुर रोड का पास का हिस्सा भी पूरी तरह पानी में डूबा हुआ था, जिससे ट्रैफिक पर असर पड़ा.

लोनावला में लगातार बारिश के बाद मशहूर भुशी डैम ओवरफ्लो हो गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे. हालांकि, पानी के तेज बहाव और फिसलन भरे हालात को देखते हुए अधिकारियों ने पर्यटकों से सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की.

पालघर में भारी बारिश के कारण अंबेडकर नगर इलाका जलमग्न हो गया. बाढ़ का पानी कई घरों में घुस गया, जिससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ा.

वहीं, कोल्हापुर में दो दिनों की भारी बारिश के बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया. राजाराम वियर समेत 10 बैराज पानी में डूब गए, जिसके चलते अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में आवाजाही रोकनी पड़ी और हाई अलर्ट जारी करना पड़ा.

रायगढ़ में भारी बारिश को देखते हुए अधिकारियों ने रेड अलर्ट जारी किया, क्योंकि अंबा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया, जिससे आस-पास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया.

भिवंडी में हालात खासकर गंभीर रहे, जहां भारी बारिश के बाद तीन बत्ती भाजी मार्केट समेत कई बाजार पानी में डूब गए. कई दुकानों में बाढ़ का पानी घुसने से व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ. स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़कों पर घुटने तक पानी भरने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि जगह-जगह पानी जमा होने के कारण लोगों का आना-जाना बहुत मुश्किल हो गया था.

एक और निवासी दीपक विश्वकर्मा ने बताया कि जब वे काम पर जा रहे थे, तो उन्हें पानी से भरी सड़कें मिलीं. उन्होंने कहा कि लगातार बारिश और रेड अलर्ट की वजह से वे तय नहीं कर पा रहे थे कि अपनी यात्रा जारी रखें या घर लौट जाएं, क्योंकि घर पर भी पानी भरने की समस्या उतनी ही गंभीर थी.

बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएमसी) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण मुंबई में पेड़ और उनकी टहनियां गिरने की 91 से ज़्यादा घटनाएं हुईं. शॉर्ट सर्किट के करीब 30 मामले सामने आए, दीवार गिरने की 19 घटनाएं हुईं और कई जगहों पर पानी भरने की खबरें मिलीं. अधिकारी अलर्ट पर हैं, क्योंकि राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने की उम्मीद है.

ओपी/एएस