सपा सांसद जावेद अली खान के बयान की हिंदू महासभा ने की कड़ी निंदा, कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली, 15 जून . समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान के बयान (बहुसंख्यक समुदाय जहरीला हो गया है) को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है. इस बयान पर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं.

हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने जावेद अली खान के बयान की कड़ी निंदा करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि इस तरह के बयान समाज में वैमनस्य फैलाने वाले हैं और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाते हैं. इसके साथ ही उन्होंने राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पुनर्गठन तथा चंदे की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का स्वागत किया.

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त की. आगरा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “जिनके अंदर जहर है, वे जहर ही उगलेंगे और जिनके अंदर अमृत है, वे अमृत ही फैलाएंगे.” उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि समाज को जोड़ने की बजाय विभाजनकारी बयान देने वालों को आत्ममंथन करना चाहिए.

मुरादाबाद से सपा सांसद रुचि वीरा ने इस विवाद पर संतुलित प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं यह बयान नहीं सुना है और न ही वह उस कार्यक्रम में मौजूद थीं, लेकिन यदि ऐसा बयान दिया गया है तो यह उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि सपा का पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) अभियान समाज के सभी वर्गों को जोड़ने के लिए चलाया जा रहा है, न कि किसी समुदाय को निशाना बनाने के लिए है.

रुचि वीरा ने कहा कि हर धर्म और समुदाय में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोग होते हैं, इसलिए किसी पूरे समुदाय के बारे में सामान्य टिप्पणी करना गलत है. उन्होंने भाजपा पर समाज में विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि देश में बड़ी संख्या में ऐसे हिंदू और मुसलमान हैं जो एक-दूसरे को भाईचारे और सम्मान की भावना से देखते हैं.

उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दे रहे हैं. ऐसे में नेताओं को सार्वजनिक मंचों से ऐसे बयान देने से बचना चाहिए जो समाज में तनाव पैदा करें या पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाएं.

एसएके/वीसी