
मुंबई, 30 अगस्त . रियलिटी शो ‘द ट्रेटर्स’ से हाल ही में बाहर हुए जादूगर और माइंड रीडर करण सिंह ने कहा कि शो का सबसे मुश्किल पहलू उनके लिए यह था कि उन्हें अपने फैसलों पर कोई तुरंत प्रतिक्रिया (इंस्टेंट फीडबैक) नहीं मिलती थी, जिससे वह काफी भ्रमित हो जाते थे.
शो से बाहर होने के बाद करण सिंह ने से बातचीत में कहा कि स्टेज पर परफॉर्म करते समय उन्हें दर्शकों से तुरंत पता चल जाता है कि उनका अनुमान सही है या गलत, लेकिन ‘द ट्रेटर्स’ में ऐसा बिल्कुल नहीं था.
उन्होंने कहा, “जब मैं स्टेज पर माइंड रीडिंग करता हूं, लोगों का पासवर्ड या उनके मन की बात बताता हूं, तो मुझे तुरंत फीडबैक मिल जाता है. दर्शक बता देते हैं कि मैं सही हूं या नहीं.”
करण ने आगे कहा, “मुझे पता था कि ‘द ट्रेटर्स’ एक अलग तरह का खेल है, लेकिन यहां यह जानने का कोई तरीका नहीं था कि मैं सही खेल रहा हूं या गलत. अगर मैंने कोई चाल चली और उसके बाद तालियां नहीं मिलीं, तो मेरे अंदर का कलाकार पूरी तरह कन्फ्यूज हो जाता था. मैं लगातार सोचता रहता था कि मेरा फैसला सही था या गलत.”
करण की इस बात पर उनके साथी प्रतियोगी मुनव्वर फारूकी ने मजाकिया अंदाज में कहा, “करण चाहते थे कि उसी वक्त करण जौहर सेट पर आएं और उनके गेम की तारीफ करें.” मुनव्वर की इस टिप्पणी पर वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े.
बता दें कि ‘द ट्रेटर्स’ में मनोरंजन, टेलीविजन, सोशल मीडिया और फूड जगत से जुड़े 21 प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया. इनमें मुनव्वर फारूकी, मलाइका शेरावत, श्वेता तिवारी, रिया चक्रवर्ती, अभिषेक मल्हान, शालिनी पासी और रणवीर बरार जैसे नाम शामिल हैं.
यह शो भरोसे, धोखे और रणनीतिक गठजोड़ पर आधारित है, जिसमें प्रतियोगियों को छिपे हुए ट्रेटर्स की पहचान करते हुए खुद को एलिमिनेशन से बचाना होता है. नए सीजन में लगातार बदलते समीकरण, चौंकाने वाले एलिमिनेशन और तीखे टकराव दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं.
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डीएससी