
नई दिल्ली, 13 सितंबर . दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच अवैध शराब की बिक्री और ढुलाई से जुड़े मामलों में 725 एफआईआर दर्ज कीं और 730 लोगों को गिरफ्तार किया.
अधिकारी ने एक बयान में कहा कि इस दौरान शहर में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी को रोकने के लिए सख्ती बढ़ाते हुए विभाग ने अवैध शराब ले जा रहे 197 वाहनों को जब्त किया.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार अवैध शराब के कारोबार के प्रति जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाती है और इन अवैध गतिविधियों को खत्म करने के लिए एक असरदार आबकारी नीति पर काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि नई नीति का फोकस जन-सुरक्षा को मजबूत करने, शराब के कारोबार के जिम्मेदार नियमन को सुनिश्चित करने, गुणवत्ता बनाए रखने और सरकारी राजस्व बढ़ाने पर होगा.
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता त्योहारों के दौरान वैध शराब की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है ताकि दिल्ली के निवासियों को कोई परेशानी न हो, और साथ ही अवैध शराब की बिक्री और तस्करी पर भी प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके.
आबकारी विभाग के अनुसार, दिल्ली की भौगोलिक सीमाएं पड़ोसी राज्यों से जुड़ी हैं और यहां छोटे-बड़े मिलाकर लगभग 70 एंट्री पॉइंट हैं.
इन रास्तों से शहर में अवैध शराब की तस्करी की संभावना बनी रहती है. इसे ध्यान में रखते हुए, विभाग का प्रवर्तन विंग लगातार निगरानी रखता है और अवैध शराब की बिक्री या परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करता है, बयान में कहा गया.
आबकारी विभाग के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से अगस्त की इसी अवधि के दौरान, विभाग ने 315 एफआईआर दर्ज कीं और 312 लोगों को गिरफ्तार किया.
इस दौरान 112 वाहन जब्त किए गए और लगभग एक लाख बोतल अवैध शराब बरामद की गई.
इस साल इसी अवधि में प्रवर्तन गतिविधियों में काफी तेजी आई है. अप्रैल और अगस्त 2026 के बीच, लाइसेंस प्राप्त जगहों पर नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
बयान में कहा गया है कि ऐसे मामलों में सात एफआईआर दर्ज की गई हैं, और संबंधित बार को सील करने, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने और अन्य कानूनी कार्यवाही शुरू करने जैसी कार्रवाई की गई है.
आबकारी विभाग ने कहा कि दिल्ली में आने वाले त्योहारों के मौसम को देखते हुए प्रवर्तन गतिविधियों को और बढ़ाया जाएगा.
बयान में कहा गया है कि विभाग का लक्ष्य अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है और साथ ही शहर में वैध माध्यमों से शराब की उपलब्धता सुनिश्चित करना है.
इसके लिए, सरकारी निगमों द्वारा संचालित खुदरा दुकानों और होटल, क्लब और रेस्तरां जैसे ऑन-प्रिमाइसेस बिक्री केंद्रों के माध्यम से बॉन्डेड शराब की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.
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