झारखंड में परीक्षा में धांधली पर तुरंत एक्शन, हेमंत सरकार पूरे देश के लिए उदाहरण: मनोज पांडे

रांची, 20 अगस्त . झारखंड में जेएसएससी और जेपीएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर झारखंड के छात्रों के आंदोलन और सरकार द्वारा परीक्षाएं रद्द करने के फैसले पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के प्रवक्ता मनोज पांडे ने प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने कहा कि परीक्षा में धांधली की घटनाएं सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं हैं. भाजपा शासित राज्यों में सबसे ज्यादा पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जिस तरह से तुरंत फैसले लेकर परीक्षा सुधार के कदम उठाए, वह पूरे देश के लिए उदाहरण है.

झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता मनोज पांडे ने गुरुवार को से बातचीत के दौरान कहा, “परीक्षा में गड़बड़ी अमूमन मुझे लगता है बहुत सारे राज्यों में हुआ. बहुत अधिक पैमाने पर पर हुआ. भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों में 152 परीक्षा लीक हुआ और परीक्षा में गड़बड़ी, नौकरियों में गड़बड़ी, व्यापम घोटाला शिवराज चौहान ने किया और उन्हें आज अपग्रेड करके केंद्र में मंत्री बना दिया गया है. यह सब हम लोगों ने देखा है.”

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरे राज्यों में घोटाले होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन झारखंड सरकार ने तुरंत सख्त कदम उठाए.

मनोज पांडे ने कहा, “पहली बार झारखंड में परीक्षा में धांधली की बातें सामने आए तो परीक्षा सुधार के लिए जो सर्जिकल स्ट्राइक हुआ, सीएम हेमंत सोरेन की तरफ से, वह काबिले तारीफ है. वैसा उदाहरण पूरे भारतवर्ष में देखने को नहीं मिलेगा कि एक साथ उतनी परीक्षाएं रद्द की गई हो.”

उन्होंने कहा, “आंदोलन कर रहे हजारों छात्रों की मांगों और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने फैसला लिया. लेकिन जो चयनित अभ्यर्थी थे, उनमें नाराज़गी है और नाराज़गी होना स्वाभाविक भी है. मैं उसे गलत नहीं मानता. वो आंदोलन कर रहे हैं. न्यायालय में भी गए हैं.”

जेएमएम प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि अब यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और सरकार कोर्ट के फैसले को सर्वोपरि मानेगी.

पीआईएम/डीएससी