
जैसलमेर, 13 सितंबर . जन-जन के आराध्य और पश्चिमी राजस्थान के महाकुंभ कहे जाने वाले लोकदेवता बाबा रामदेवजी के 642वें मेले का रविवार को धर्मस्थली रामदेवरा धाम में विधिवत शुभारंभ हुआ. बाबा रामदेवजी की समाधि स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल, जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे, बाबा के वंशजों और समाधि समिति के सदस्यों की मौजूदगी रही.
जानकारी के अनुसार बाबा रामदेवजी के वंशजों ने समाधि स्थल पर विधि-विधान से पंचामृत अभिषेक किया. इसके बाद जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल और एसपी अभिषेक शिवहरे ने बाबा की समाधि पर मखमली चादर चढ़ाई. सुबह की आरती के साथ मेले का औपचारिक आगाज हुआ.
मेले के शुरू होते ही रामदेवरा में देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा की समाधि के दर्शन के लिए पहुंचे. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं. प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं.
जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था की गई है. गर्मी और भीड़ को देखते हुए मेले क्षेत्र में फॉगिंग मशीन से छिड़काव कराया जा रहा है. महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ अलग-अलग स्थानों पर स्वास्थ्य चौकियां स्थापित की गई हैं. इन स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा. रुणीचा सरोवर पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात की गई हैं.
कलेक्टर ने कहा कि इस बार मेला विशेष परिस्थितियों में आयोजित हो रहा है. निकाय चुनाव के मद्देनजर भी प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक तैयारियां की हैं. पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो. उन्होंने बाबा रामदेवजी को सामाजिक समरसता का देवता बताते हुए कहा कि बाबा ने बिना किसी भेदभाव के सभी की मदद की. उन्होंने बाबा से सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की.
एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत किया गया है. मेले क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है. श्रद्धालुओं की कतारों को व्यवस्थित रखने के लिए लोहे की जालियां लगाई गई हैं, जिससे भीड़ का दबाव नियंत्रित रहे और भगदड़ जैसी स्थिति को रोका जा सके. मेले में सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों एवं सुरक्षा जवानों की तैनाती की गई है. प्रवेश और निकास मार्गों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तथा प्रमुख स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.
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एसएके/पीएम