सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक का ‘जन-महाभियोग’, विपक्ष बोला- वोट चोरों को देश से हटाना होगा

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर . मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के ‘जन-महाभियोग’ कार्यक्रम में विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला. जेएमएम सांसद महुआ माजी से लेकर कांग्रेस सांसद कुलदीप इंदौरा, कीर्ति आजाद, रेणुका चौधरी और आरएसपी सांसद एनके प्रेमचंद्रन तक सभी ने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर करोड़ों वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं और वोट चोरी कर लोकतंत्र की हत्या की जा रही है. नेताओं ने कहा कि संसद में आवाज दबाए जाने के बाद अब वे जनता के बीच जाकर वोट चोरी का पर्दाफाश कर रहे हैं और जब तक सीईसी इस्तीफा नहीं देते, उनका विरोध जारी रहेगा.

सांसद महुआ माजी ने कहा, “एसआईआर को लेकर लगातार लोगों के साथ अन्याय हो रहा है, वोटर लिस्ट से करोड़ों नाम काटे जा रहे हैं. इंडिया ब्लॉक लगातार जनता के साथ खड़ा है ताकि असली मतदाताओं के नाम न हटाए जाएं. सभी लोकतांत्रिक तरीके अपनाए जा रहे हैं. राष्ट्रपति से अपील की गई, मामला Supreme Court तक ले जाया गया और सड़कों पर भी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया गया.”

उन्होंने कहा कि इतना सब करने के बाद भी केंद्र सरकार नहीं मान रही है, इसीलिए अब जन-महाभियोग कार्यक्रम जैसे आयोजन किए जा रहे हैं. राष्ट्रपति ने भी कहा था कि सबूत चाहिए. आज अगर वे लोग जो पीड़ित हैं, जिन असली मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, वे सामने आकर अपने अनुभव साझा करते हैं तो वह भी देश के सामने सबूत के तौर पर होगा.

कांग्रेस सांसद कुलदीप इंदौरा ने कहा कि हम सभी यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि राहुल गांधी द्वारा उठाए गए वोट चोरी के मुद्दे पर ज्ञानेश कुमार पद छोड़ें और इस्तीफा दें. वोट चोरी का पर्दाफाश हो चुका है. एसआईआर प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियां और इसके जरिए सत्ता हथियाने के कथित प्रयास अब उजागर हो चुके हैं.

लोकसभा सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि हम जो संदेश देना चाहते हैं, वह यह है कि भाजपा सरकार ने सांसदों और जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया है. सांसदों जनता की आवाज उठाने का अधिकार है. महाभियोग प्रस्ताव को भी दबा दिया गया, जबकि उस पर राज्यसभा में कम से कम 50 और लोकसभा में 150 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे.

उन्होंने कहा कि जब संसद में हमारी आवाज दबाई जाती है, तो हम जिन लोगों ने हमें चुनकर संसद भेजा है, उनकी चिंताओं को सीधे उनके बीच ले जाते हैं. यह जनता का अधिकार है और यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है कि उनकी आवाज सुनाई देती रहे. अगर हमें संसद में इन मुद्दों को उठाने का मौका नहीं दिया जाता, तो हम इन्हें संसद के बाहर उठाएंगे.

कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि मेरी राहुल गांधी से मुलाकात नहीं हुई, हालांकि कुछ अन्य नेताओं की हुई है. वे बताएंगे कि क्या चर्चा हुई. मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव और पंजाब में राहुल गांधी की आगामी रैली की तैयारियां चल रही हैं. सभी तैयारियों में व्यस्त हैं. हो सकता है कि इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई हो.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यूपी में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाले बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि वो हर जगह यूसीसी लागू करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्हें देश के संविधान का कोई सम्मान नहीं है. गृह मंत्री को यूपी जाने से पहले एमएलसी चुनाव के नतीजे देख लेने चाहिए थे. उन्हें समझना चाहिए कि पढ़ी-लिखी जनता क्या संदेश दे रही है.

वहीं, कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा कि मैं यहां आपके नजरिए को याद दिलाना चाहती हूं. ज्ञानेश कुमार का ‘जन-महाभियोग’ तो पहले ही हो चुका है. जिस दिन उन्होंने गैरकानूनी तरीके से हजारों, लाखों और करोड़ों लोगों के वोट हटाए और जिस दिन चुनाव आयोग ने समझौता किया और घुटने टेक दिए, उसी दिन उनका महाभियोग हो गया था. हम आम लोगों की आवाज उठा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि हम इस मुद्दे को जनता के सामने लाए हैं ताकि लोग जागरूक हों. यहां चर्चाएं होंगी और हम हर मुद्दे पर स्पष्टता देंगे. यह सरकार हमें संसद में बोलने नहीं देती, घंटी बजाकर दरवाजे बंद कर देती है. वे सड़कों पर बच्चों को पीटते हैं. महंगाई इतनी बढ़ गई है, बेरोजगारी इतनी फैल गई है, लेकिन वे इन मुद्दों पर बात नहीं करते और अपनी ‘मन की बात’ थोपते रहते हैं. इसीलिए यह कदम जरूरी था और हमने इसे उठाया.”

रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने कहा कि इंडिया ब्लॉक का विपक्ष देश और सरकार दोनों को एक बहुत मजबूत संदेश दे रहा है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद पर बने रहने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है. इसलिए हमारे देश के लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा के लिए उन्हें इस्तीफा देकर अपने पद से हट जाना चाहिए.

कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा कि यह ज्ञानेश कुमार का विदाई कार्यक्रम है. आज हम देश को संदेश देना चाहते हैं कि जिन्होंने वोट चोरी की है और लोकतंत्र की हत्या की है, उनके जाने पर चर्चा होगी. हम विचार-विमर्श करेंगे कि उन्हें कैसे हटाया जाना चाहिए और उनकी विदाई बहुत जल्द होगी. हम देश की जनता से कहना चाहते हैं कि आप जहां कहीं भी हैं, अपने गांव में, अपने शहर में या कहीं और वोट चोरों के खिलाफ आवाज उठाएं. वोट चोरों को इस देश से हटाना ही होगा.

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केके/वीसी