
मिल्वौकी, 1 अक्टूबर . भारत और ब्राजील रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्किल डेवलपमेंट और अर्थव्यवस्था के नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं. इसके साथ ही ब्राजील की विमान बनाने वाली कंपनी ‘एम्ब्रेयर’ के भारत में संभावित निवेश पर भी दोनों देशों के बीच चर्चा हुई है.
ब्राजील के विकास, उद्योग, व्यापार और सेवा मंत्री मार्सियो एलियास रोजा ने जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक से अलग भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात के बाद सहयोग के इन क्षेत्रों के बारे में जानकारी दी.
ने एक सवाल में पूछा कि भारत और ब्राजील किन क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं, इसके जवाब में रोजा ने कहा कि दोनों देशों के बीच नई टेक्नोलॉजी से लेकर रक्षा तक कई मुद्दों पर सहयोग की संभावना है. उन्होंने बायोइकोनॉमी, सर्कुलर इकोनॉमी, डिजिटल इकोनॉमी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सहयोग के अहम क्षेत्रों में गिनाया.
दोनों देशों ने स्किल डेवलपमेंट को लेकर भी बातचीत की. पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान रोजा ने कहा, ‘हमने मैनपावर और क्षमता बढ़ाने के बारे में बात की.’
उन्होंने खास तौर पर वोकेशनल ट्रेनिंग यानी रोजगार से जुड़ी व्यावहारिक ट्रेनिंग में भारत की क्षमता का जिक्र किया. रोजा ने कहा कि भारत में इस तरह के अच्छे वोकेशनल कोर्स मौजूद हैं.
भारत और ब्राजील के बीच बातचीत में रक्षा क्षेत्र भी शामिल रहा. रोजा ने बताया कि ब्राजील की विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर के भारत में संभावित निवेश को लेकर भी चर्चा हुई.
उन्होंने कहा, “भारत में एम्ब्रेयर विमान से जुड़े निवेश की संभावना पर भी चर्चा हुई. सूची काफी लंबी है.” हालांकि, मंत्री ने एम्ब्रेयर के संभावित निवेश के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी. उन्होंने यह नहीं बताया कि निवेश कितना हो सकता है, कहां किया जा सकता है या इसके तहत किन प्रोजेक्ट्स पर काम हो सकता है.
रोजा ने साफ किया कि ब्राजील भारत के साथ अपने आर्थिक रिश्तों को काफी अहम मानता है.
उन्होंने कहा, “भारत ब्राजील के लिए बेहद महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है.” उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसी अर्थव्यवस्था है जो पूरी दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. हमारे भारत के साथ अच्छे रिश्ते हैं.
रोजा की ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं, जब भारत और ब्राजील मर्सोसुर के जरिए मौजूदा व्यापार व्यवस्था का दायरा बढ़ाने पर भी चर्चा कर रहे हैं.
रोजा ने कहा कि मौजूदा ‘प्रेफरेंशियल टैरिफ एग्रीमेंट’ का दायरा सीमित है और दोनों पक्ष अब इसे ज्यादा व्यापक बनाने पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि हाल ही में टर्म्स ऑफ रेफरेंस तैयार किए गए हैं. इससे आगे के प्रस्तावों और बातचीत के लिए एक ढांचा मिलेगा.
भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक साझेदारी है. दोनों देश ब्रिक्स, आईबीएसए और जी20 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी साथ काम करते हैं. दोनों देशों के बीच रक्षा, विज्ञान और टेक्नोलॉजी, ऊर्जा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में पहले से सहयोग होता रहा है.
ब्राजील में मुख्यालय वाली एम्ब्रेयर दुनिया की प्रमुख विमान निर्माता कंपनियों में से एक है. कंपनी के विमान भारत में नागरिक और रक्षा, दोनों तरह के एविएशन सेक्टर में पहले से इस्तेमाल हो रहे हैं. ऐसे में अगर एम्ब्रेयर भारत में निवेश करती है, तो यह भारत और ब्राजील के औद्योगिक और कारोबारी रिश्तों में एक नया और अहम कदम हो सकता है.
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एवाई/पीएम