
नई दिल्ली, 27 अक्टूबर . बंगाल की खाड़ी में भारत और सिंगापुर की नौसेनाओं ने मिलकर समुद्री सुरक्षा की तैयारियों को अंजाम दिया है. दोनों देशों ने यहां सिम्बेक्स-2026 नौसैनिक अभ्यास पूरा किया. यह अभ्यास भारतीय नौसेना की मेजबानी में विशाखापत्तनम में हुआ. यहां युद्धपोत, समुद्री निगरानी विमान और हेलीकॉप्टर शामिल रहे. इस दौरान दोनों नौसेनाओं ने समुद्र में विभिन्न युद्धक परिस्थितियों से निपटने और संयुक्त अभियान चलाने का अभ्यास किया.
सिंगापुर की नौसेना की ओर से फॉर्मिडेबल श्रेणी का स्टील्थ युद्धपोत आरएसएस सुप्रीम अभ्यास में शामिल हुआ. इस युद्धपोत पर एसएच-70बी हेलीकॉप्टर भी तैनात था. भारतीय नौसेना ने स्वदेश में निर्मित स्टील्थ युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि और पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमता वाले आईएनएस कमोर्टा के साथ भाग लिया.
इसके अलावा पी-8आई और डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान, हॉक उन्नत जेट प्रशिक्षण विमान और एमएच-60आर हेलीकॉप्टर भी अभ्यास का हिस्सा बने. इन युद्धपोतों, विमानों और हेलीकॉप्टरों की भागीदारी ने समुद्र में निगरानी, पनडुब्बी रोधी कार्रवाई और हवाई अभियानों के अभ्यास का अवसर दिया. इससे दोनों देशों की नौसेनाओं को एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने और विभिन्न परिचालन परिस्थितियों में समन्वय बेहतर बनाने का मौका मिला. दरअसल यह अभ्यास दो चरणों में पूरा हुआ. पहले चरण में बंदरगाह पर दोनों देशों के नौसैनिकों ने एक-दूसरे के युद्धपोतों का दौरा किया.
विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए और संचालन से जुड़े विषयों पर चर्चा की. योजना बनाने से जुड़ी बैठकों और अन्य पेशेवर गतिविधियों के जरिए दोनों नौसेनाओं ने एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझा. इसके बाद बंगाल की खाड़ी में समुद्री चरण आयोजित किया गया. इसमें समुद्र में संदिग्ध गतिविधियों को रोकने, पनडुब्बियों का पता लगाने और उनसे निपटने, हवाई खतरों का मुकाबला करने तथा सतह पर मौजूद दुश्मन के जहाजों के खिलाफ कार्रवाई का अभ्यास किया गया.
जहाजों के संचालन और एक-दूसरे के युद्धपोतों से उड़ान भरने से जुड़ी गतिविधियां भी आयोजित की गईं. इन अभ्यासों का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना और संयुक्त अभियानों के दौरान उनकी कार्यक्षमता को मजबूत करना था. अभ्यास के दौरान सिंगापुर की नौसेना के फ्लीट कमांडर कर्नल बर्ट्राम आंग ने भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े के कमांडर रियर एडमिरल विशाल बिश्नोई से मुलाकात की.
दोनों अधिकारियों ने भारत और सिंगापुर के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करने और आपसी हित के विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया. सिम्बेक्स भारत और सिंगापुर की नौसेनाओं के बीच लंबे समय से जारी समुद्री सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस अभ्यास के जरिए दोनों देश अपनी परिचालन क्षमताओं को बेहतर बनाने, संयुक्त अभियानों में तालमेल बढ़ाने और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा तथा स्थिरता को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हैं.
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जीसीबी/डीकेपी