भारत-श्रीलंका ने समुद्र में परखा तालमेल, ‘स्लिनेक्स-26’ को दिया अंजाम

नई दिल्ली, 23 सितंबर . भारत और श्रीलंका की नौसेनाओं ने समुद्र में एक संयुक्त युद्धाभ्यास मिशन पूरा किया है. इस युद्धाभ्यास के दौरान दोनों देशों की नौसेना ने अपनी ऑपरेशनल क्षमताओं और आपसी तालमेल को परखा. इस नौसैनिक अभ्यास को ‘स्लिनेक्स-26’ नाम दिया गया. ‘स्लिनेक्स-26’ में दोनों देशों के युद्धपोतों ने समुद्री युद्धाभ्यास, हवाई अभियान, रात में समुद्र में रसद आपूर्ति और विशेष बलों के अभियानों का अभ्यास किया.

भारत और श्रीलंका की नौसेनाओं ने संयुक्त समुद्री अभ्यास के दौरान समुद्र में विभिन्न तरह के अभियानों का अभ्यास किया. दोनों देशों के युद्धपोतों ने समन्वित समुद्री युद्धाभ्यास में हिस्सा लिया. हवाई अभियानों से लेकर रात में समुद्र के बीच रसद की आपूर्ति तक का अभ्यास किया गया. विशेष बलों ने भी कई महत्वपूर्ण गतिविधियों में हिस्सा लिया. पांच दिन चले इस अभ्यास का विशाखापत्तनम में समापन किया गया है.

भारत और श्रीलंका की नौसेनाओं के बीच ‘स्लिनेक्स-26’ का 13वां संस्करण 17 सितंबर से शुरू किया गया था. भारतीय नौसेना के मुताबिक, इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी समझ, परिचालन तालमेल और संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता को और मजबूत करना था. इस दौरान दोनों पक्षों ने अपने अनुभव साझा किए और समुद्री अभियानों में अपनाई जाने वाली बेहतर कार्यप्रणालियों पर संवाद किया. अभ्यास का पहला चरण बंदरगाह पर आयोजित हुआ. इसमें दोनों नौसेनाओं के अधिकारियों और जवानों के बीच पेशेवर बातचीत हुई.

दोनों पक्षों के नौसैनिकों ने एक-दूसरे के युद्धपोतों का दौरा किया. खेल गतिविधियों का भी आयोजन किया गया. इससे दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी संपर्क और सहयोग को बढ़ाने का अवसर मिला. इसके बाद अभ्यास का समुद्री चरण शुरू हुआ. इसमें दोनों नौसेनाओं ने एक साथ कई समुद्री युद्धाभ्यास किए. हवाई अभियानों के दौरान समुद्री और हवाई संसाधनों के बीच तालमेल का अभ्यास किया गया. रात के समय समुद्र में एक-दूसरे को जरूरी रसद और आपूर्ति उपलब्ध कराने की कार्रवाई भी की गई. इससे कठिन परिस्थितियों में संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता को परखा गया.

विशेष बलों ने भी अभ्यास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने जहाज पर चढ़ने, तलाशी लेने और कब्जे में लेने की कार्रवाई का अभ्यास किया. इसके अलावा हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे तेजी से नीचे उतरने की कार्रवाई भी की गई. इन अभ्यासों से समुद्री अभियानों के दौरान दोनों नौसेनाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने का मौका मिला. ‘स्लिनेक्स-26’ के दौरान हुए अभ्यासों ने दोनों देशों की नौसेनाओं को एक-दूसरे की परिचालन प्रक्रियाओं को समझने और साथ मिलकर काम करने की क्षमता को मजबूत करने का अवसर दिया.

नियमित द्विपक्षीय अभ्यासों से दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग और आपसी तालमेल को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है. भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता से भी जुड़ी है.‘स्लिनेक्स-26’ इसी साझा प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाता है. यह समुद्री अभ्यास भारत के ‘महासागर’ विजन और ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के अनुरूप दोनों देशों के रक्षा संबंधों को और मजबूत करने में योगदान भी देता है.

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जीसीबी/डीकेपी