डेविस कप क्वालिफायर्स: दूसरे राउंड में भारत का मुकाबला हार्ड कोर्ट पर साउथ कोरिया से होगा

नई दिल्ली, 8 अगस्त . डेविस कप क्वालिफायर्स के दूसरे राउंड में भारत का मुकाबला 18-19 सितंबर को साउथ कोरिया से होगा. यह मैच सोल के ओलंपिक टेनिस सेंटर में हार्ड कोर्ट पर खेला जाएगा, जिसके रोमांचक होने की उम्मीद है, क्योंकि इसमें ‘फाइनल 8’ में जगह बनाने का दांव लगा है.

डेविस कप रैंकिंग में दोनों टीमों के बीच सिर्फ तीन स्थानों का फर्क है; साउथ कोरिया अभी 16वें और भारत 19वें स्थान पर है. ‘हेड-टू-हेड’ रिकॉर्ड में भी कोरियन टीम भारत के खिलाफ 6-5 से आगे है. भारत इस अहम मैच के लिए 10 अगस्त को अपनी टीम चुनेगा.

कोर्ट की सतह मुकाबले में एक दिलचस्प मोड़ ला सकती है, क्योंकि साउथ कोरियाई खिलाड़ी आमतौर पर हार्ड कोर्ट पर ज्यादा सहज महसूस करते हैं. साल 2016 में चंडीगढ़ में जब दोनों टीमें आमने-सामने थीं, तो भारत ने ग्रास कोर्ट चुना था. भारत ने वह एशिया/ओशिनिया ग्रुप-वन मैच 4-1 से जीता था, लेकिन आगामी मैच बिल्कुल अलग हालात में खेला जाएगा.

भारत ने फरवरी में बेंगलुरु में नीदरलैंड्स के विरुद्ध 3-2 की रोमांचक जीत के साथ दूसरे राउंड में जगह बनाई थी. इस मैच में दक्षिणेश्वर सुरेश ने अपने दोनों सिंगल्स मैच जीतकर और युकी भांबरी के साथ मिलकर डबल्स मैच जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था. फैसले वाले पांचवें मैच में सुरेश दबाव में थे, लेकिन उन्होंने गाइ डेन ओडेन को 6-4, 7-6(4) से हराकर भारत की जीत पक्की कर दी.

यह जीत इसलिए भी खास थी, क्योंकि 2019 में शुरू हुए मौजूदा फॉर्मेट के तहत भारत पहली बार डेविस कप क्वालीफायर्स के दूसरे राउंड में पहुंचा था.

वहीं, साउथ कोरिया ने पहले राउंड में बुसान में 2016 की चैंपियन अर्जेंटीना को 3-2 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था. कोरिया की जीत में क्वोन सूनवू ने अहम भूमिका निभाई, भले ही वह उस समय अपनी मिलिट्री सर्विस कर रहे थे; उन्होंने मजबूत मानी जा रही साउथ अमेरिकी टीम के विरुद्ध अपनी टीम की वापसी में मदद की. सोल में होने वाला मैच अब डेविस कप के ‘फाइनल 8’ में जगह बनाने के लिए ‘करो या मरो’ वाले मुकाबले में बदल गया है. जीतने वाली टीम नवंबर में होने वाले ‘फाइनल 8’ में पहुंचेगी.

साउथ कोरिया ने साल 2022 और 2023 में 16 टीमों वाले डेविस कप फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करके उस स्तर पर मुकाबला करने की अपनी काबिलियत पहले ही साबित कर दी है. वहीं, भारत मौजूदा क्वालिफाइंग सिस्टम के तहत हालिया सफलता को आगे बढ़ाते हुए दुनिया की टॉप-8 टीमों में जगह बनाने की कोशिश करेगा.

आरएसजी