भारत-स्लोवाकिया रक्षा क्षेत्र में व्यापक समझौते को लेकर कर रहे चर्चा : भारतीय राजदूत अपूर्वा श्रीवास्तव

ब्रातिस्लावा, 13 जून . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर स्लोवाकिया जाएंगे. भारत के किसी प्रधानमंत्री का यह पहला द्विपक्षीय दौरा है. इस मौके पर स्लोवाकिया में भारत की राजदूत अपूर्वा श्रीवास्तव ने के साथ खास बातचीत में कहा कि पीएम मोदी का यह दौरा एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया जा रहा है. दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को लेकर व्यापक समझौते पर चर्चा हो रही है.

भारतीय राजदूत ने कहा, “इस यात्रा से न केवल हमारे राजनीतिक संबंध सुदृढ़ होंगे, बल्कि हमारे आर्थिक, रक्षा और लोगों के बीच जुड़ाव के भी मजबूत होने की बहुत आशाएं हैं. क्वांटम, एआई, शिक्षा के क्षेत्र में हमारे सहयोग के नए आयाम खुलेंगे. इसे देखते हुए यह यात्रा बहुत ही महत्वपूर्ण है.”

उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन सालों में भारत और स्लोवाकिया के बीच आर्थिक संबंध तेजी से बढ़े हैं. हमने 2024 में पहली बार 1 बिलियन यूरो का आर्थिक आंकड़ा पार किया और 2025 में ये 1.6 बिलियन यूरो हो गया, लेकिन इसमें संभावनाएं अभी बहुत अधिक हैं. पारंपरिक क्षेत्रों जैसे ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, मोबाइल आदि में आयात-निर्यात कर रहे हैं, लेकिन संभावनाएं बहुत अधिक हैं. स्लोवाकिया ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में बहुत आगे है. टाटा मोटर्स के जगुआर लैंड रोवर का भी निवेश यहां पर है. रक्षा में हमारे संबंध बहुत आगे बढ़ सकते हैं. इसके अलावा, ग्रीन वॉटर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी हम आगे बहुत सारे काम कर सकते हैं.

उन्होंने बताया कि पीएम मोदी स्लोवाकिया की कई महत्वपूर्ण कंपनियों के सीईओ से मुलाकात करेंगे. स्लोवाकिया की कई कंपनियां पहले से ही भारत में निवेश कर चुकी हैं. स्लोवाकिया की कंपनी टाट्रा वैगोन्का पॉप्राड ने ओडिशा में निवेश का ऐलान किया है, उत्तर प्रदेश में एनवीएन समूह का एक बॉयोएथनॉल फ्यूल प्लांट है और भी कई स्लोवाकिया की कंपनियां भारत में निवेश करना चाहती हैं. भारत के साथ बिजनेस के क्षेत्र में कैसे संबंध बढ़ाए जाएं, ये देखने के लिए पिछले तीन सालों में करीब 5 बड़े बिजनेस समूह ने यात्रा की है.

रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग पर अपूर्वा श्रीवास्तव ने कहा, “रक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बहुत संभावनाएं हैं. पहले जब चेकोस्लोवाकिया था, तो दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग काफी अधिक था. अब भारत और स्लोवाकिया की कई कंपनियों के बीच सहयोग चल रहा है. नीति के स्तर पर हमारे बीच 1995 का भारत रक्षा समझौता भी है. इसके अलावा, हम एक व्यापक समझौते पर चर्चा कर रहे हैं. इस यात्रा के दौरान भी व्यापक समझौते से संबंधित कुछ न कुछ ऐलान हो सकता है.”

भारत के ‘मेक इन इंडिया’ पहल में स्लोवाकिया के महत्वपूर्ण साझेदार बनने को लेकर भारतीय राजदूत ने कहा, “मेक इन इंडिया पहल में स्लोवाकिया एक अच्छा साझेदार बन सकता है. कई कंपनियों ने पहले ही भारत में निवेश किया है और मेक इन इंडिया में सहयोग दे रहे हैं. ग्रैंड पावर ने रक्षा क्षेत्र में कोयंबटूर में नया संचालन शुरू किया है. व्यावसायिक वर्गों में उत्सुकता है. पीएम मोदी से मुलाकात के बाद उम्मीद है कि जो और सीईओ हैं, उनमें उत्साह आएगा कि वे भारत में निवेश करें और मेक इन इंडिया को और सार्थक बनाएं.”

केके/एबीएम