
महासमुंद, 2 मई . छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और सरायपाली थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है. पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में 2 महिलाएं भी शामिल हैं.
पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपियों के पास से तस्करी में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन सहित कुल 3 लाख 15 हजार की संपत्ति जब्त की गई है. यह गांजा ओडिशा से लाकर सरायपाली क्षेत्र के देवलभाटा गांव में खपाने की योजना थी. आरोपी गांजा को पुड़िया बनाकर बेचने की तैयारी में थे, जिससे स्थानीय स्तर पर इसकी खपत की जा सके.
उन्होंने बताया कि मामले का खुलासा 30 अप्रैल 2026 को मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर हुआ. सूचना थी कि ओडिशा से कुछ लोग गांजा लेकर आने वाले हैं और सरायपाली क्षेत्र में इसकी खरीद-फरोख्त करेंगे. इस पर पुलिस ने ग्राम अर्जुंदा के पास घेराबंदी कर निगरानी शुरू की. कुछ ही देर बाद दो अलग-अलग मोटरसाइकिलों पर चार लोग वहां पहुंचे. दोनों वाहनों पर एक-एक पुरुष और महिला सवार थे और उनके पास एक बोरी में सामान रखा हुआ था.
जब एक आरोपी बोरी में रखे सामान को दूसरे को सौंपने लगा, तभी पुलिस ने घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया. तलाशी लेने पर बोरी में रखे 10 किलो 270 ग्राम गांजा बरामद हुआ. इसके बाद सभी आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ग्राम देवलभाटा, थाना सरायपाली निवासी शंकर बेहरा (45) और चंचल बेहरा (30) के अलावा ग्राम तालमलखा, जिला बौद्ध, ओडिशा निवासी कपिल बकुल (23) और रश्मि बकुल (20) के रूप में हुई है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. पिछले तीन महीनों में 81 मामलों में कुल 5779.831 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है और 213 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 53 छत्तीसगढ़ और 160 अन्य राज्यों के निवासी हैं. अधिकारियों ने कहा कि ड्रग तस्करी के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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एसएके/वीसी