
नई दिल्ली, 4 मई . ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज एजेंसी ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से दावा किया कि जास्क आइलैंड के पास एक अमेरिकी नौसैनिक पोत पर दो मिसाइलें दागी गईं. हालांकि इसी दावे को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सिरे से खारिज कर दिया है.
फार्स के अनुसार, यह हमला तब हुआ जब जहाज ने इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए रुकने से इनकार कर दिया.
दूसरी ओर, यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरानी मीडिया के इस दावे को गलत बताया. सेंटकॉम ने एक्स पोस्ट में फैक्ट चेक किया. उन्होंने कहा कि “सच” यह है कि “अमेरिकी नौसेना के किसी भी जहाज पर हमला नहीं हुआ है” और यूएस सेना ईरानी बंदरगाहों पर नेवल नाकाबंदी जारी रखे हुए है.
यह कथित घटना ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने “प्रोजेक्ट फ्रीडम” के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के अभियान की घोषणा की है. इस मिशन का उद्देश्य क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना बताया गया है.
यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड पहले ही कह चुका है कि वह इस अभियान में सहयोग करेगा, जिसमें लगभग 15,000 सैन्यकर्मी, 100 से अधिक भूमि और समुद्र आधारित विमान, युद्धपोत और ड्रोन शामिल होंगे.
इस बीच, ज्वाइंट मेरीटाइम इंफोर्मेशन सेंटर ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री सुरक्षा खतरे का स्तर ‘क्रिटिकल’ यानी अत्यंत गंभीर बताया है. यह चेतावनी क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियों के बीच जारी की गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर जोखिम बढ़ गया है.
केंद्र की ओर से जारी एडवाइजरी, जिसे किंगडम मेरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया, में समुद्री यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
एडवाइजरी में कहा गया है कि जहाजों को ओमान के अधिकारियों के साथ वीएचएफ चैनल 16 के जरिए समन्वय बनाए रखना चाहिए. साथ ही, उन्हें ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम के दक्षिण में ओमान के क्षेत्रीय जलमार्ग से होकर गुजरने पर विचार करना चाहिए, जहां यूएस ने एक ‘एन्हांस्ड सिक्योरिटी एरिया’ स्थापित किया है.
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केआर/