ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार नहीं होना चाहिए, चार्ल्स भी इससे सहमत हैं: राष्ट्रपति ट्रंप

वाशिंगटन, 29 अप्रैल . अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किंग चार्ल्स तृतीय के स्वागत में व्हाइट हाउस में स्टेट डिनर का आयोजन किया. इस मौके पर उन्होंने ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध का जिक्र किया.

दरअसल, ईरान के साथ यह लड़ाई की वजह से अमेरिका और ब्रिटेन के बीच भी तनाव देखने को मिला है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “हम अभी मिडिल ईस्ट में थोड़ा काम कर रहे हैं और हम बहुत अच्छा कर रहे हैं.”

अमेरिकी मीडिया सीएनएन के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोहराया कि अमेरिका ईरान को कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाने देगा और दावा किया कि चार्ल्स भी इससे सहमत हैं. उन्होंने कहा, “हमने उस खास दुश्मन को मिलिट्री से हरा दिया है और हम उस दुश्मन को कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाने देंगे और इस मामले पर चार्ल्स मुझसे भी अधिक सहमत हैं.”

कांग्रेस की जॉइंट मीटिंग में बोलते हुए, चार्ल्स ने कहा कि यूरोप से लेकर मिडिल ईस्ट तक संघर्ष के समय दोनों देश बहुत अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं, जिसके नतीजे दोनों समाजों पर महसूस किए जा रहे हैं.

उन्होंने वाशिंगटन के पास हाल ही में हुई एक हिंसक घटना का भी जिक्र किया और कहा कि हिंसा के ऐसे काम कभी कामयाब नहीं होंगे. उन्होंने लोकतंत्र को बनाए रखने और हमारे सभी लोगों को नुकसान से बचाने के साझा वादे को दोहराया.

चार्ल्स ने अमेरिका-ब्रिटेन के संबंध को साझा लोकतांत्रिक परंपराओं में निहित बताया, भले ही यह शुरुआती असहमतियों से उभरा हो. उन्होंने कहा, “असल में हमारे देश स्वाभाविक रूप से एक जैसी सोच रखते हैं.”

किंग चार्ल्स तृतीय ने अमेरिका और ब्रिटेन के संबंध को मजबूत बताया. उन्होंने इन संबंधों को मैग्ना कार्टा और इंग्लिश कॉमन लॉ समेत आम कानूनी और राजनीतिक बुनियाद से जोड़ा, जिसने चेक्स एंड बैलेंस जैसे अमेरिकी संवैधानिक सिद्धांतों को बनाने में मदद की.

किंग ने मौजूदा ग्लोबल माहौल में मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, “हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, वे इतनी बड़ी हैं कि कोई एक देश अकेले उनका सामना नहीं कर सकता. दोनों देशों से पिछली कामयाबियों पर भरोसा करने के बजाय अपने गठबंधन को और मजबूत करने की अपील की.”

केके/एएस