
इस्लामाबाद, 1 जुलाई . पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कई दिनों से अशांति है. महीनों से अपनी वैध मांग को लेकर डटे लोगों पर पाकिस्तानी सैन्य बलों ने बल का प्रयोग भी किया. कई मारे भी गए. बिगड़े माहौल के बीच ही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के नेता शौकत नवाज मीर को गिरफ्तार कर लिया गया. कमेटी ने कहा है कि गिरफ्तारी से आंदोलन कमजोर नहीं होगा, बल्कि और अधिक मजबूत होगा.
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार को पीओके के धीरकोट क्षेत्र में शौकत नवाज मीर को पाकिस्तानी अधिकारियों ने हिरासत में लिया. बाद में मुजफ्फराबाद के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि प्रमुख पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को की है.
पीओके में हालात पहले से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं, जहां प्रदर्शनकारी अपनी “वैध मांगों” को लेकर धरना जारी रखे हुए हैं. इसी बीच सरकार द्वारा जेएएसी पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है.
जेएएसी ने आरोप लगाया कि मीर को धरना स्थल तक पहुंचने से पहले ही एक संयुक्त अभियान के तहत गिरफ्तार किया गया, जिसमें खुफिया एजेंसियां, पुलिस और अन्य सुरक्षा इकाइयां शामिल थीं.
संगठन ने कहा, “यदि शौकत नवाज मीर धरना स्थल पर पहुंच जाते तो आंदोलन को और अधिक जनसमर्थन मिलता और लोगों का उत्साह बढ़ता. हालांकि, जेएएसी ने यह भी कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है और यह पूरे जनता का आंदोलन है.”
जेएएसी ने दावा किया कि मीर की गिरफ्तारी के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा और यह पहले से अधिक मजबूत होकर उभरेगा. संगठन ने कहा कि गिरफ्तारियां इस आंदोलन को दबा नहीं सकतीं.
इस बीच, एक अन्य बयान में जेएएसी ने बताया कि उसके एक अन्य सदस्य सैब जावेद को भी गिरफ्तार किया गया है. संगठन ने दोनों नेताओं को “जनता के अधिकारों, न्याय और बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष करने वाला” बताया.
इसी बीच बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) अध्यक्ष नसीम बलोच ने भी शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए पाकिस्तान पर “दमन, गिरफ्तारी और भय की राजनीति” करने का आरोप लगाया है.
उन्होंने एक्स पोस्ट में आगे कहा, “लेकिन कब्जे वाले क्षेत्रों को भय से नहीं जीता जा सकता और उत्पीड़ित राष्ट्र को सलाखों के पीछे डालकर नहीं दबाया जा सकता.”
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केआर/