जयशंकर की ईरान के विदेश मंत्री से बात, व्यापारिक जहाजों और नाविकों पर हमले का क‍िया व‍िरोध

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएएस). अमेर‍िका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के चलते म‍िड‍िल ईस्‍ट में तनाव का माहौल बना हुआ है. इसी बीच, भारत के विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात की. इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में जारी तनाव और संघर्ष को लेकर भारत की गहरी चिंता जताई.

जयशंकर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, “आज शाम ईरान के विदेश मंत्री अराघची से फोन पर बात हुई. मैंने क्षेत्र में जारी संघर्ष को लेकर हमारी गहरी चिंता व्यक्त की. हमने जोर देकर कहा कि किसी भी हाल में व्यापारिक जहाजों और समुद्री कर्मचारियों (सीफेयरर्स) पर हमले नहीं होने चाहिए. भारत ऐसे किसी भी हमले की, चाहे वह किसी भी पक्ष की ओर से हो, कड़ी निंदा करता है.”

जयशंकर ने कहा क‍ि इस वार्ता के दौरान मुझे मौजूदा घटनाक्रम और चल रही चर्चाओं पर ईरान का पक्ष बताया गया. भारत हमेशा बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता है.

इससे पहले दिन में, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपने अभियान से जुड़ी नई जानकारी साझा की. अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने मध्य पूर्व में अपनी व्यापक निगरानी और नौसैनिक मौजूदगी बनाए रखते हुए कई व्यावसायिक जहाजों का रास्ता बदला है.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा, “30 जुलाई तक सेंटकॉम बलों ने 24 व्यावसायिक जहाजों का मार्ग बदला, दो जहाजों को निष्क्रिय किया और दो पर सवार होकर जांच की, ताकि पूरी तरह नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके.”

बुधवार को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले किए. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई मध्य पूर्व में अमेरिकी बलों पर ईरान की ओर से कथित हमले की कोशिश के जवाब में की गई. इससे पिछले कई महीनों से जारी तनाव और बढ़ गया है.

ये हमले उस वक्त किए गए, जब इससे एक दिन पहले ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने इस हमले को नाकाम कर दिया.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर हमला करने की कोशिश की गई तो अमेरिका ईरान पर ‘बहुत सख्त’ कार्रवाई करेगा.

सेंटकॉम ने फिलहाल ईरान के भीतर हुए इन नए हमलों की जगह या उनके दायरे के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है.

हालांकि, ईरान के सरकारी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, देश के कई दक्षिणी प्रांतों, जिनमें होर्मोजगान और खुजेस्तान शामिल हैं, में धमाकों की आवाजें सुनी गईं. कुछ हमले तेल से जुड़े ढांचों और फारस की खाड़ी के कुछ द्वीपों के पास भी हुए हैं.

एवाई/एबीएम