
जालंधर, 4 सितंबर . जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी के एक अंतरराष्ट्रीय मामले में आरोपी मनजीत सिंह बेदी को गिरफ्तार किया है. आरोपी अमेरिका में सरकारी लाभ से जुड़ी धोखाधड़ी में एफबीआई का वांछित है और उसकी मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था. पुलिस के मुताबिक आरोपी अमेरिका से कनाडा होते हुए भागा और अप्रैल 2026 में भारत में दाखिल हुआ.
पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह, आईपीएस के निर्देश पर और डीसीपी स्पेशल ब्रांच मनप्रीत सिंह की निगरानी में यह कार्रवाई की गई. गिरफ्तार आरोपी की पहचान स्वर्गीय दीवान सिंह के बेटे मनजीत सिंह बेदी, निवासी मकान नंबर 121/7, अमर नगर, गुलाब देवी रोड, जालंधर के रूप में हुई है.
इस संबंध में 16 मई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2), 318(4) और पंजाब यात्रा पेशेवर विनियमन अधिनियम की धारा 13 के तहत एफआईआर नंबर 103 दर्ज की गई थी. जांच के दौरान ही पुलिस को पता चला कि यह मामला सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी से जुड़ा है.
पुलिस जांच में सामने आया कि मनजीत बेदी अमेरिका के वाशिंगटन के टैकोमा (सिएटल) में एक एशियाई किराना स्टोर चलाता था. वहां सरकार की ओर से गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए पूरक पोषण सहायता कार्यक्रम (एसएनएपी) चलाया जाता है. इस योजना के तहत पात्र ग्राहकों को ईबीटी कार्ड के रूप में सरकारी लाभ कार्ड दिए जाते हैं, जिससे वे राशन ले सकते हैं.
आरोप है कि बेदी ने इस योजना में बड़ा खेल किया. वह ग्राहकों को उनके कार्ड पर उपलब्ध लाभ के बदले पूरी खाद्य सामग्री देने के बजाय, उन्हें आधी राशि नकद में दे देता था और बाकी की आधी रकम खुद हड़प लेता था. इस तरह उसने मार्च 2024 से जून 2025 के बीच अमेरिकी सरकार को लगभग 600,000 अमेरिकी डॉलर का चूना लगा दिया.
अमेरिकी एजेंसी एफबीआई ने इस मामले में उसके खिलाफ वारंट जारी किया था और उसे अपनी सबसे वांछित धोखेबाजों की सूची में डाला था. इसी बीच आरोपी अमेरिका से भागकर कनाडा चला गया और वहां से होते हुए अप्रैल 2026 में भारत आ गया.
जालंधर पुलिस अब उसके अंतरराष्ट्रीय यात्रा रिकॉर्ड, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन, संभावित सहयोगियों और विदेश में किए गए अन्य फर्जीवाड़े की कड़ियों की गहन जांच कर रही है. पुलिस अमेरिकी अधिकारियों से भी संपर्क में है और आरोपी की वांछित स्थिति को लेकर जानकारी की पुष्टि कर रही है. पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है.
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एससीएच