
नई दिल्ली, 23 सितंबर . बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की से हुई छेड़छाड़ की घटना ने राजनीतिक रूप ले लिया है. इस मामले पर बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने मंगलवार को कहा कि अपराधियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता. सीएम के बयान का एनडीए नेताओं ने समर्थन किया है लेकिन कांग्रेस ने इस पर सवाल खड़े किए हैं.
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने सीएम सम्राट चौधरी के बयान का समर्थन किया है. उन्होंने से बात करते हुए कहा, “सीएम सम्राट चौधरी के दावे को आंकड़ों के नजरिए से देखें तो यह साफ है कि आपराधिक मामलों में गिरफ्तारियों का जाति या धर्म से कोई लेना-देना नहीं है. अगर आपने अपराध किया है तो पुलिस आपको बख्शेगी नहीं.”
राजीव रंजन ने कहा, “जमुई की घटना के लेकर बिहार ने एक कड़ा संदेश दिया है जबकि कई राज्यों में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं. जिन सोशल मीडिया साइट्स पर वीडियो फैलाया गया, उन पर भी कार्रवाई की जा रही है. 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई तय की गई है. इसमें वे लोग शामिल हैं जिन्होंने वीडियो बनाया, जिन्होंने इसे फैलाया, जिन्होंने इसे अपने प्लेटफॉर्म पर दिखाया और जिन्होंने नाबालिग लड़की के साथ बदसलूकी की.”
वहीं, रांची में भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने भी बिहार सरकार की कार्रवाई का समर्थन किया. उन्होंने कहा, “उस लड़की के साथ जो हुआ, वह बहुत शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना थी. बिहार पुलिस ने तुरंत सख्त कार्रवाई की है. राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है और आयोग की एक टीम वहां पहुंच रही है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि सभी आरोपियों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए सजा दिलाई जाएगी.”
उन्होंने आरजेडी पर निशाना साधते हुए कहा, “अब आरजेडी इस मामले में भी जाति ढूंढ रही है. आप ही बताइए, अगर आपकी बहनें सुरक्षित नहीं हैं, तो क्या आप सामने वाले व्यक्ति की जाति देखेंगे. इससे पहले कि पुलिस उसका एनकाउंटर करे या उसे गिरफ्तार करे.”
इस बीच दिल्ली में कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने सीएम सम्राट चौधरी के बयान पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि सरकारें मीडिया के दबाव के बाद ही कार्रवाई करती हैं. अभिषेक दत्त ने कहा, “एनकाउंटर रेप होने के बाद, एनकाउंटर मर्डर होने के बाद, एनकाउंटर अपराध होने के बाद किए जाते हैं लेकिन उससे पहले अपराधियों को कौन बचाता है. जब मीडिया का प्रेशर बनता है, सोशल मीडिया का भी प्रेशर बनता है, तो इनको अपराधी मिल भी जाता है, उसकी जेब से कट्टे भी निकल जाते हैं, उसका एनकाउंटर भी हो जाता है लेकिन बाकी 365 दिन क्या होता है.”
उन्होंने कहा, “अगर रोज अपराध के खिलाफ यह सख्ती जारी रहेगी, हिंदू-मुस्लिम के नाम पर देश को नहीं भटकाएंगे, अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे, उनको राजनीतिक शरण नहीं देंगे तो किसी अपराधी की हिम्मत नहीं है कि वो सामने आकर अपराध करे.”
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