
खूंटी (झारखंड), 21 अक्टूबर . झारखंड के खूंटी जिले में बुधवार को आदिवासी और ईसाई समुदायों के सैकड़ों सदस्य आरसी बॉयज मिडिल स्कूल के प्रिंसिपल और सेंट माइकल चर्च से जुड़े पादरी फादर बेनेडिक्ट बारला पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में सड़कों पर उतर आए.
प्रदर्शनकारियों ने सुबह करीब 10:30 बजे से खूंटी कस्बे के मुख्य भगत सिंह चौक को जाम कर दिया और हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए विरोध मार्च भी निकाला.
शाम 4:30 बजे तक रांची-खूंटी-चैबासा सड़क पर जाम जारी था.
प्रदर्शनकारियों ने हमले में शामिल लोगों की गिरफ्तारी और घटना के आसपास की परिस्थितियों को उजागर करने की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि आरोपियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रहेगा.
खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग और एएसपी क्रिस्टोफर केरकेट्टा मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. फादर बेनेडिक्ट बारला को आगे के इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में ले जाने से पहले खूंटी सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया.
यह घटना बुधवार तड़के करीब 8:30 बजे सामने आई. आरसी चर्च के पादरी फादर निकोलस के अनुसार, सुबह स्कूल पहुंची एक महिला ने फादर बेनेडिक्ट बारला को घायल और खून से लथपथ पड़ा देखा. वह तुरंत पैरिश हाउस गई और दूसरों को घटना की जानकारी दी.
पुलिस उस अज्ञात महिला की तलाश कर रही है जिसने सबसे पहले पादरी को घायल अवस्था में पाया था. घटनास्थल पर स्कूल कार्यालय में सामान बिखरा पड़ा था, जबकि जांचकर्ताओं को गलियारे में खून के धब्बे मिटाने के प्रयास के संकेत भी मिले हैं.
मौके से बरामद पादरी के मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है.
एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि हमला मंगलवार रात करीब 9 बजे हुआ था. फादर बेनेडिक्ट बारला नियमित रूप से रात में परिसर का निरीक्षण करते थे.
पुलिस को संदेह है कि दो या तीन लोग घात लगाकर बैठे थे और जब उन्होंने विरोध किया तो उन पर हमला कर दिया, जिससे वे बेहोश हो गए और फिर उन्हें मृत समझकर भाग गए.
सीसीटीवी फुटेज में तीन संदिग्ध युवक दिखाई दे रहे हैं और उनकी पहचान करने के प्रयास जारी हैं.
डॉ. अखिलेश ने बताया कि उनके बाएं कान के नीचे गोलाकार घाव था. अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चोट किस कारण लगी, और जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह गोली से लगी थी या किसी अन्य वस्तु से.
पुलिस सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से बरामद सबूतों और अन्य परिस्थितियों के आधार पर मामले की जांच कर रही है. हमले के पीछे का मकसद और हमलावरों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है.
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एमएस/