जोगिंदर शर्मा: भारत को पहली बार टी20 चैंपियन बनाने में निभाया अहम किरदार, सिर्फ 8 मैचों तक सीमित रहा इंटरनेशनल करियर

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर . साल 2007 में हुए टी20 विश्व कप का जब भी जिक्र किया जाता है तो जोगिंदर शर्मा का नाम शान से लिया जाता है. जोगिंदर ने खिताबी मुकाबले के फाइनल ओवर में मिस्बाह उल हक को आउट करते हुए टीम इंडिया को पहली बार टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनाया था.

जोगिंदर शर्मा का जन्म 23 अक्टूबर 1983 को हरियाणा के रोहतक में हुआ. जोगिंदर को शुरुआत से ही क्रिकेट के खेल में खास रुचि थी. सीमित संसाधन होने के बावजूद क्रिकेट में अपना करियर बनाने के लिए वह दिन-रात जमकर मेहनत किया करते थे. घरेलू क्रिकेट में जोगिंदर का डेब्यू शानदार रहा और उन्होंने मध्य प्रदेश के खिलाफ खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया. जोगिंदर ने गेंदबाजी में 84 रन देकर 11 विकेट निकालने के साथ-साथ 81 रन भी बनाए. 77 फर्स्ट-क्लास मैचों में जोगिंदर ने 297 विकेट निकाले, जबकि बल्लेबाजी में 2,804 रन भी बनाए.

जोगिंदर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत के लिए अपना डेब्यू साल 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ किया. इस मुकाबले में जोगिंदर ने 8 ओवर के स्पेल में 28 रन देकर एक विकेट चटकाया. उन्होंने अपना टी20 डेब्यू तीन साल बाद यानी 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ किया. यह टी20 विश्व कप का वही मुकाबला था, जिसमें युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर में छह गेंदों पर 6 छक्के लगाए थे. हालांकि, जोगिंदर ने अपने टी20 डेब्यू मैच में 4 ओवर में बिना कोई चटकाए 57 रन खर्च किए थे.

टी20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ जोगिंदर ने आखिरी ओवर डाला था. आखिरी ओवर में जीत के लिए पाकिस्तान को 6 गेंदों में 13 रनों की जरूरत थी और कप्तान एमएस धोनी ने गेंद जोगिंदर के हाथों में थमाकर हर किसी को चौंका दिया था. हालांकि, जोगिंदर कप्तान के फैसले पर एकदम खरे उतरे थे और उन्होंने एक छक्का खाने के बाद ओवर की तीसरी गेंद पर मिस्बाह उल हक को आउट करते हुए भारत को पहली बार टी20 चैंपियन बनाया.

हालांकि, जोगिंदर इस खिताबी मुकाबले के लिए भारतीय टीम में वापस नहीं लौट सके. उन्होंने भारत के लिए 4 वनडे और चार टी20 मुकाबले खेले. इस दौरान जोगिंदर ने वनडे में एक विकेट चटकाया, जबकि टी20 में 4 विकेट लिए. उन्होंने अपने करियर का आखिरी वनडे मुकाबला वेस्टइंडीज के खिलाफ 24 जनवरी 2007 को खेला. इसके बाद वह टीम इंडिया में वापस नहीं लौट सके.

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एसएम/डीकेपी