
इस्लामाबाद, 1 अगस्त . पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लोअर दक्षिण वजीरिस्तान जिले में कट्टरपंथी समूह जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) से जुड़े मौलाना मोहम्मद इस्माइल की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी.
पाकिस्तानी अंग्रेजी दैनिक ‘डॉन’ ने पुलिस के हवाले से बताया कि, यह घटना बिरमल तहसील के आजम वरसक इलाके में शुक्रवार की नमाज के बाद हुई. जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) मुहम्मद ताहिर ने बताया कि मोटरसाइकिल सवार अज्ञात हमलावरों ने मौलाना इस्माइल पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिससे मौलाना की मौके पर ही मौत हो गई. वारदात के बाद हमलावर फरार हो गए.
डीपीओ ने बताया कि घटना का प्रारंभिक मामला दर्ज कर लिया गया है और हत्या की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है.
पुलिस अधिकारियों और स्थानीय कबायली बुजुर्गों के अनुसार, मौलाना मोहम्मद इस्माइल कझा पंगा के निवासी थे और क्षेत्र के एक मदरसे में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे थे.
गौरतलब है कि पाकिस्तान में हाल के महीनों में जेयूआई-एफ से जुड़े नेताओं और धार्मिक हस्तियों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं. इसी वर्ष मई में प्रसिद्ध धर्मगुरु और जेयूआई-एफ के पूर्व विधायक मौलाना मोहम्मद इदरीस की चारसादा में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. ये हत्या इलाके के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं थी क्योंकि इदरीस चारसादा जिला हेड थे और पार्टी प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान के करीबी सहयोगी थे. मौलाना इदरीस जब ‘दारुल उलूम उत्मानजई’ में खुतबा (व्याख्यान) देने जा रहे थे, तभी मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग कर दिया था. बाद में बेहद गंभीर हालात में उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया था.
वहीं जनवरी में दक्षिण वजीरिस्तान के वाना बाजार क्षेत्र में एक मदरसे के निकट हुए बम विस्फोट में गंभीर रूप से घायल जेयूआई-एफ नेता मौलाना सुल्तान मोहम्मद वजीर की भी बाद में मौत हो गई थी.
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केआर/